
जनधन-आधार-मोबाइल, यानी जैम की त्रयी से देश में 60 करोड़ लोग बैंकिंग से जुड़े, जो दुनिया का सबसे बड़ा वित्तीय समावेशन मॉडल है। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर, यानी डीबीटी से बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई और शत-प्रतिशत सहायता राशि सीधे हितग्राहियों के खातों में पहुंची। यूपीआई ने छोटे व्यापारियों और आम नागरिकों तक डिजिटल भुगतान की सुविधा पहुंचाई। हमारे किसान भाइयों के लिए एग्रीस्टैक के तहत 42 लाख फार्मर आईडी बन चुकी हैं, और ड्रोन आधारित स्वामित्व योजना से 7.51 लाख ग्रामीणों को उनकी संपत्ति के अधिकार अभिलेख मिले हैं।









