
रायपुर:निरंतर मेहनत करने का जुनून और उसका आत्मविश्वास व्यक्ति के सफलता की राह बनाता है। ऐसे ही कडे इरादे वाली सुमित्रा अब अपने गांव की एक पहचान बन रही हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के माध्यम से ग्रामीण महिलाएं न केवल आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं, बल्कि अपने परिवार के साथ मिलकर सफल उद्यमी के रूप में नई पहचान भी स्थापित कर रही हैं। इसी का प्रेरणादायक उदाहरण हैं कोरिया जिले के ग्राम कंचनपुर की श्रीमती सुमित्रा यादव, जिन्होंने खेती पर निर्भर परिवार को आज चार अलग-अलग आजीविका गतिविधियों से जोड़कर आर्थिक समृद्धि की नई मिसाल प्रस्तुत की है।
खेतिहर परिवार का संघर्ष
बिहान योजना से जुड़ने से पहले सुमित्रा यादव का परिवार मुख्य रूप से कृषि कार्य पर निर्भर था। परिवार के पास ऋण लेकर खरीदा गया एक ट्रैक्टर था, जिसका उपयोग खेती एवं कृषि संबंधी कार्यों में किया जाता था। कृषि कार्य से होने वाली आय सीमित एवं मौसम पर आधारित होने के कारण परिवार की आर्थिक कठिनाई जस की तस बनी हुई थी। ऐसे में पैसों की आवश्यकताओं को पूरा करने और भविष्य के लिए बचत करना नामुमकिन हो रहा था।
बिहान से हुई शुरूआत
सुमित्रा यादव के जीवन में महत्वपूर्ण बदलाव की शुरुआत शक्ति महिला स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद हुई। समूह के माध्यम से उन्हें आर्थिक सहयोग एवं आजीविका विस्तार का अवसर प्राप्त हुआ। उन्होंने समूह से ढाई लाख रूपए का ऋण लेकर अपने परिवार के साथ व्यवसाय की नई संभावनाओं पर कार्य किया। समूह से प्राप्त वित्तीय सहयोग और परिवार के सदस्यों की संयुक्त मेहनत से उन्होंने आजीविका को आगे बढ़ाते हुए सेंट्रिंग प्लेट, टेंट हाउस, ट्रैक्टर एवं मिक्सर मशीन से संबंधित चार अलग-अलग व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन प्रारंभ किया।










