
रायपुर:राजधानी के श्री जगद्गुरु शंकराचार्य आश्रम में आज 14 अगस्त को करपात्री जी महाराज का जयंती दिवस एवं श्रीमज्जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानन्द सरस्वती जी महाराज का वर्धयन्ती उत्सव 1008 यतिप्रवर दण्डी स्वामी श्री इन्दुभवानन्द तीर्थ जी महाराज के सानिध्य में मनाया गया।
डॉ. इन्दुभवानन्द महराज के चल रहे द्वितीय चातुर्मास के आज श्रावण शुक्ल द्वितीया को परम पूज्य करपात्री जी की जन्म जयंती महोत्सव एवं ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानन्द सरस्वती जी महाराज का वर्धयन्ती
महोत्सव दीर्घायु की कामना के साथ मनाया गया ।विभिन्न अनुष्ठानों में प्रातः काल से ही भगवती राजराजेश्हारी त्रिपुर सुन्दरी का पूजन भगवान सिद्धेश्वर का अभिषेक सम्पन्न किया। तत्पश्चात् समस्त भवतों ने समवेत् हो कर के भगवान शिव के पार्थिव शिवलिङ्ग का अभिषेक 51 किलो दूध से समपन्न हुआ तथा सप्त नदियों के जल से
(गंगा, यमुना, गोदावरी, सरस्वती, नर्मदे, सिन्धु, कावेरी) साथ ही गुरु, परम गुरु, परात्पर गुरु, परमेष्ठी गुरु की परम्परा का पूजन किया गया ।
सायं काल के सत्र में डा. इन्दुभवानन्द तीर्थ जी ने बताया की स्वामी करपात्री जी महराज एवं उत्तराम्नाय ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री अविमुक्तेश्वरानन्द सरस्वती जी महराज का भी आज ही के दिन अवतरण हुआ यह सहज संयोग है की दोनों की जन्म भूमी प्रतापगढ़ उत्तरप्रदेश है दोनों का निवास भी वर्तमान में केदारघाट वाराणसी में हैं। दोनों का संकल्प भी 1 ही है गौरक्षा एवं गौसेवा । स्वामी करपात्री जी जीवन पर्यन्त गोरक्षणार्थ कार्य किया। स्वामी अविमुक्तेश्वरानन्द जी आज भी गौ सेवा के लिए प्राण पन से लगे है भीषण गर्मी में वृन्दावन से दिल्ली तक पद यात्रा निकाली। उन्होंने कहा अपने सुख सुविधा का परित्याग करके समस्त भारत की राजधानियों में गोध्वज की स्थापना भी की अभी अभी उत्तरप्रदेश की 403 विधान सभा में गौ प्रतिष्ठा गविष्ठी यात्रा उन्होनें सम्पन्न की। अभी भी गाय की रक्षा के लिए बड़े बड़े यज्ञ कर रहें हैं। वर्तमान में पूज्य शंकराचार्य जी महराज का चातुर्मास बेमेतरा के अन्तर्गत सलधा नामक क्षेत्र में चल रहा है।यहाँ भी वे 45 दिनों तका गौ माता की रक्षा के लिए गो प्रतिष्ठा यज्ञ करने जा रहे है कुम्भ में भी उन्होंने 11 हजार ब्राह्मणो का संग्रह करके गौ प्रतिष्ठा यज्ञ का आयोजन किया राम जन्म भूमी के लिए भी शंकराचार्य की जी का अद्वितीय योगदान भुलाया नहि जा सकता जब भी राम जन्म भूमी की बात आएगी उनकों याद किया जाएगा क्योंकी जब हिन्दूओं को सुनने की बात आई तो केवल 25 दिन तक स्वामी जी की बात सुनी गई और उनके बयान पर सुप्रिम कोर्ट ने राम जन्म भूमी के पक्ष में निर्णय सुनिश्चित किया इसलिए आज उनकी जन्म जयंती पर हम सभी लोग पराम्बा भगवती से प्रार्थना करते है की वो सदा सर्वदा इसी प्रकार से सनातन धर्म की रक्षा के लिए सन्नद्ध रहे।








