
रायपुर:इतिहास केवल अतीत की घटनाओं का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि वर्तमान को दिशा देने और भविष्य को सुरक्षित बनाने की सीख भी है। इसलिए विभाजन की विभीषिका और उससे मिले सबक को पीढ़ी-दर-पीढ़ी स्मरण रखना आवश्यक है। विभाजन की पीड़ा हमें देश की एकता, अखंडता और सामाजिक सद्भाव को हर परिस्थिति में अक्षुण्ण रखने का संदेश देती है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर के संचालनालय पुरातत्व स्थित मुक्ताकाशी मंच में आयोजित ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के राज्य स्तरीय समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। समारोह में विभाजन की त्रासदी में प्राण गंवाने वाले लोगों को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया गया तथा विस्थापन का दंश झेलने वाले परिवारों के संघर्ष, साहस और धैर्य को नमन किया गया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वर्ष 1947 में देश का विभाजन केवल भू-भाग और सीमाओं का बंटवारा नहीं था। इस त्रासदी ने लाखों लोगों को अपनी जन्मभूमि, घर-बार और अपनों से बिछड़ने के लिए विवश कर दिया। बंगाली, सिख और सिंधी समाज सहित अनेक समुदायों के लाखों परिवारों ने विस्थापन की असहनीय पीड़ा झेली। जिन्होंने अपनी आंखों से उस दौर की भयावहता देखी, उनमें से अधिकांश आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके परिवारों और आने वाली पीढ़ियों की स्मृतियों में वह पीड़ा आज भी जीवित है।








