
रायपुर: 12 दिन में तीसरी बार डीजल-पेट्रोल का दाम बढ़ाना जनता पर अत्याचार है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि मोदी सरकार डीजल-पेट्रोल का दाम लगातार बढ़ाते जा रही है। डीजल-पेट्रोल के दामों में 87 पैसे पेट्रोल और डीजल पर 91 पैसे की बढ़ोत्तरी की गयी है। इसके पहले दो बार बढ़ोत्तरी हुई थी। पहले 3.30 पैसे फिर 95 पैसे इस बार 2.61 पैसे तथा 2.71 की बढ़ोत्तरी की गयी। अभी तक 8.50 रू. से अधिक बढ़ाया जा चुका है।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि मोदी सरकार डीजल-पेट्रोल के दाम में 20 रू. की बढ़ोत्तरी करना चाह रही। इसीलिए डीजल-पेट्रोल की कृत्रिम संकट पैदा की गयी है। पेट्रोल-डीजल दाम बढ़ाने के साथ पूरे दिन प्रदेश के अधिकांश पंपो में डीजल नहीं मिल रहा था। यह कृत्रिम संकट भाव बढ़ाने को सही ठहराने के उद्देश्य से किया गया है। जिस प्रकार पेट्रोलियम कंपनियां लगातार पेट्रोल, डीजल के दामों में बढ़ोतरी कर रहे है। ऐसा लग रहा है मोदी सरकार ने पेट्रोलियम कंपनियों को जनता को लूटने की खुली छूट दे दी है। सरकार जब जनता के बजाय कंपनियों की नफा नुकसान की चिंता करे, तो जनता तो महंगाई की बोझ तले दबती जायेगी। पेट्रोलियम कंपनियों ने पेट्रोलियम पदार्थों के दामों में वृद्धि करने पहले कृत्रिम संकट पैदा किया। पेट्रोल, डीजल की कमी करके जनता को लाईन में खड़ी किया। ताकि पेट्रोल, डीजल के दाम मनमाफिक बढोत्तरी किया जा सके और जनता परेशान होकर इसे स्वीकार कर ले।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि सरकार को पेट्रोल-डीजल का रेट बढ़ाना था, इसलिये कमी का ड्रामा किया गया। प्रधानमंत्री मोदी को पेट्रोल-डीजल का रेट बढ़ाना था, तो उन्होंने उसके पहले संकट का पूरा माया जाल रचा, रेट तो बढ़ाया ही जनता को परेशान कर दिया। प्रधानमंत्री मोदी की अदूरदर्शी अपील के कारण देश में पेट्रोल-डीजल को लेकर अफरा-तफरी का माहौल बनाया। प्रधानमंत्री ने अपने अपील के कारण पूरे देश में भय पैदा कर दिया, लोग पेट्रोल, डीजल के संकट के भय से ग्रसित होकर पेट्रोल पंपों पर लाइन लगा रहे है। आज भी शहरों के आउटर के पेट्रोल पंपों में डीजल नहीं मिल रहा है। अब धीरे-धीरे कर दाम बढ़ाये जा रहे है।







