
बेमेतरा:अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला बेमेतरा द्वारा जिला स्तरीय महिला सम्मेलन एवं महिला मड़ई कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बेमेतरा एवं बेरला में आयोजित कार्यक्रमों में जिला पंचायत अध्यक्ष कल्पना योगेश तिवारी विशेष रूप से शामिल हुईं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता और समाज में महिलाओं की बढ़ती भूमिका पर अपने विचार साझा किए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष कल्पना योगेश तिवारी ने कहा कि आज जिस सम्मान और गर्व के साथ इतनी बड़ी संख्या में महिलाएँ एक मंच पर एकत्रित हुई हैं, वह महिला शक्ति की वास्तविक ताकत को दर्शाता है। उन्होंने उपस्थित महिलाओं से तालियाँ बजाकर महिला शक्ति का स्वागत करने का आग्रह किया और कहा कि जब महिलाओं की आवाज एक साथ उठती है, तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन की नई शुरुआत होती है उन्होंने कहा कि महिलाओं की भूमिका केवल एक दिन तक सीमित नहीं है। महिलाओं का योगदान प्रतिदिन परिवार, समाज और राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण रहता है। एक महिला सुबह से लेकर देर रात तक परिवार की जिम्मेदारियों को निभाते हुए घर और बाहर दोनों क्षेत्रों में निरंतर कार्य करती है। चाहे घर का संचालन हो, बच्चों का पालन-पोषण हो या समाज और राष्ट्र के विकास में योगदान — महिलाएँ हर क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं कल्पना योगेश तिवारी ने कहा कि आज का समय महिलाओं के सशक्तिकरण का समय है। महिलाएँ अब केवल घर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि राजनीति, प्रशासन, सेना, पुलिस, विज्ञान, शिक्षा, चिकित्सा और विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा और नेतृत्व क्षमता का परिचय दे रही हैं। यह पूरे समाज के लिए गर्व की बात है कि आज महिलाएँ हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं और देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं। महिलाओं को राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने के लिए आरक्षण की व्यवस्था कर उन्हें निर्णय लेने की प्रक्रिया में अधिक से अधिक भागीदारी का अवसर प्रदान किया गया है। इससे महिलाओं को नेतृत्व के क्षेत्र में आगे बढ़ने का नया मार्ग मिला है और देश की आधी आबादी को सशक्त बनाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी को शक्ति का स्वरूप माना गया है। इसी भाव को व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा —
“या देवी सर्वभूतेषु शक्ति-रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥”
अर्थात जो देवी सभी प्राणियों में शक्ति, बुद्धि और करुणा के रूप में निवास करती हैं, उन्हें बार-बार नमस्कार है। उन्होंने कहा कि नारी कभी अबला नहीं रही, बल्कि वह शक्ति, साहस और प्रेरणा का प्रतीक है ।कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं का सम्मान भी किया गया तथा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने, शिक्षा को बढ़ावा देने और समाज में सकारात्मक भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया।
इस अवसर पर उन्होंने महिलाओं से आह्वान किया कि वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहें, शिक्षा और आत्मनिर्भरता को अपनाएँ तथा समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएँ।













