रायपुर:छत्तीसगढ़ शासन के गठन के 25 वर्ष एवं वर्तमान राज्य सरकार के 2 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में “सुपोषित छत्तीसगढ़ अभियान” की प्रभावशाली शुरुआत की गई है। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में प्रारंभ यह अभियान कुपोषण एवं एनीमिया जैसी गंभीर सामाजिक चुनौतियों से निपटने के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को सशक्त रूप से दर्शाता है।
यह अभियान 1 जनवरी 2026 से प्रदेश के आठ संवेदनशील एवं चयनित जिलों—बलरामपुर, सरगुजा, सूरजपुर, जशपुर, सुकमा, दंतेवाड़ा, नारायणपुर और बीजापुर—में एक साथ लागू किया गया है। अभियान का मूल उद्देश्य कुपोषण मुक्त बचपन और स्वस्थ मातृत्व सुनिश्चित करना है। इसके अंतर्गत 6 वर्ष से कम आयु के बच्चों को कुपोषण से बाहर लाने तथा 15 से 45 वर्ष आयु वर्ग की महिलाओं, विशेषकर गर्भवती एवं धात्री माताओं में एनीमिया की समस्या को प्रभावी रूप से कम करने पर विशेष जोर दिया गया है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि किसी भी राज्य का भविष्य उसके बच्चों के स्वास्थ्य और माताओं के सशक्तिकरण पर निर्भर करता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ सरकार कुपोषण के विरुद्ध केवल योजनागत नहीं, बल्कि संवेदनशील और मानवीय दृष्टिकोण के साथ कार्य कर रही है। यह अभियान सरकार और समाज की साझा जिम्मेदारी का प्रतीक है।महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने बताया कि अभियान के अंतर्गत आगामी छह महीनों में महिलाओं में रक्ताल्पता की दर में उल्लेखनीय कमी लाने, गंभीर एवं मध्यम कुपोषित बच्चों के पोषण स्तर में ठोस सुधार करने तथा मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ करने के स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं।









