रायपुर:राज्यपाल रमेन डेका उत्तर बस्तर कांकेर जिला प्रवास के दौरान अधिकारियों की बैठक लेकर शासन द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ली। उन्होंने सभी अधिकारियों को स्पष्ट तौर पर कहा कि योजनाओं का वास्तविक क्रियान्वयन तभी संभव होगा जब उसकी मॉनिटरिंग और फॉलोअप जमीनी स्तर पर हो। राज्यपाल इसके लिए अधिकारियों को सतत मॉनिटरिंग तथा मूल्यांकन करने के लिए निर्देशित किया।
राज्यपाल ने कहा कि निचले स्तर की वास्तविकता से अवगत होने हितग्राहियों से अवश्य मिले और कमियों की जानकारी लें, साथ ही योजना अथवा गतिविधि के क्रियान्वयन की तुलनात्मक जानकारी प्राप्त करें। बैठक के दौरान श्री डेका ने विशेष रूप से जल संरक्षण पर फोकस करते हुए कहा कि जिले के शासकीय भवनों के साथ-साथ निजी भवनों में भी वॉटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर की अनिवार्यता हो। डबरी, तालाब, चेक डैम में जल संचयन के अलावा बड़े स्तर के जलाशयों में भी जल स्तर बना रहे, इस पर पहल करने की जरूरत है। राज्यपाल ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा पहल किए गए ‘एक पेड़ मां के नाम‘ कोई योजना नहीं, बल्कि मिशन है। पौधे लगाने के साथ ही उसके जीवित रहने पर भी उतना ही ध्यान दें और लोगों को पर्यावरण की मानव जीवन में महत्ता के लिए पेड़ों की आवश्यकता व उसके महत्व की जानकारी दें। उन्होंने सड़कों के किनारे, खाली जगहों पर पौधे लगाने के साथ-साथ शासकीय कार्यालयों में भी अधिक से अधिक पौधे लगाकर उन्हें संरक्षित व सुरक्षित करने की बात जिला स्तरीय अधिकारियों से कही।









