बालोद:यह कहानी जिले के गुरूर विकासखण्ड के छोटे से गांव खैरवाही की है। जहाॅ सीमित अवसरों और संसाधनों के बीच गांव की कुछ महिलाओं ने अपने घर की चारदिवारी से निकलकर अपने जीवन की कहानी को एक नया मोड़ दिया है। इन महिलाओं ने सब्जी बाड़ी के कार्य को चुनकर अपने जीवन को आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण की राह पर लाया है। ग्राम खैरवाही की कमला स्वसहायता समूह की महिलाओं ने गाॅव में की जा रही पारम्परिक रूप से धान की खेती से हटकर सब्जी बाड़ी के कार्य को चुना। जिससे उन्हें अब प्रतिमाह बेहतर आय अर्जित हो रहा है, वे अब अपनी जरूरतों के साथ ही घर का खर्च भी वहन करने में सक्षम हुई हैं। कमला स्वसहायता समूह की श्रीमती सीता साहू ने बताया कि उनके समूह में कुल 10 महिलाएं हैं। उन्होंने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान से जुड़कर अपने समूह को सशक्त बनाने का कार्य किया है।

ब्रेकिंग
- मुख्यमंत्री ने 10 रूपए की टिकट कटाकर मयाली नेचर कैंप में लिया, एडवेंचर स्पोर्ट्स का आनंद
- ग्लोबल टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में विकसित होगा मयाली – मुख्यमंत्री
- अंबिकापुर-दुर्ग एक्सप्रेस अब रायपुर स्टेशन के प्लेटफॉर्म-1 से चलेगी
- जलाशय योजना के कार्यों के लिए 39.61 करोड़ रुपये स्वीकृत
- समाज कल्याण विभाग की योजनाएं बनीं सम्मान, सुरक्षा और आत्मविश्वास का आधार








