रायपुर:ब्राह्मण समाज द्वारा विप्र भवन समता कालोनी में सपाद लक्षेश्वर धाम सलधा के प्रसिद्ध कथावाचक दण्डी स्वामी श्रीमज्ज्योतिर्मयानंद: सरस्वती महाराज ने कहा विश्व का ऐतिहासिक मंदिर सपाद लक्षेश्वर धाम छत्तीसगढ़ के सलधा में निर्माणाधीन जहां एक साथ सवा लाख शिवलिंग के एक साथ दर्शन होंगे।

श्रीमद्भागवत कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सपाद लक्षेश्वर धाम, सलधा में निर्माणाधीन सवा लाख शिवलिंग की स्थापना के लिए अपने पूर्वजों एवं स्वजनों की स्मृति में राशि दान की।
ब्राह्मण समाज द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में प्रातः आचार्य पंडित रवि शास्त्री, पंडित खिलेश्वर शास्त्री,तरुण शास्त्री, ओम प्रकाश उपाध्याय, शिवचरित शास्त्री,कमल किशोर शास्त्री सहित आचार्यों द्वारा वेदीपूजा संपन्न की गई।सामुहिक रूप से परिवार सहित शामिल 21 यजमान के पितरों के कल्याण के लिए आचार्यों द्वारा परायण की गई।
दण्डी स्वामी श्रीमज्ज्योतिर्मयानंद: सरस्वती महाराज जी ने श्रीमद्भागवत के पांचवें दिन कथा में भगवान कृष्ण के माखन चोरी की दिव्य लीला का वर्णन किये।
कथा के छठे दिन राजेश वैष्णव एवं बंधुओं ने छंदों की संगीत मय प्रस्तुति ने भक्तों को भाव विभोर कर दिया।श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिवस दंडी स्वामी श्रीमज्ज्योतिर्मयानंद सरस्वती जी कथा प्रसंग में गोवर्धन लीला,चीर हरण कथा, महरास,कंस वध की कथा बताए।उसमे महारास की कथा मे उन्होंने कहा
परमात्मा और जीवात्मा का मिलन ही महारास है ।जब तक जीव अपनी माया रूपी वस्त्र का त्याग नहीं करेगा
तब तक परमात्मा रूपी श्री कृष्ण की प्राप्ति नहीं हो सकती ।

श्री कृष्ण रुक्मिणी विवाह में उन्होंने कहा
परमात्मा रूपी श्रीकृष्ण का वरण प्रकृति स्वरूपा श्री रुक्मिणी से ही हो सकता है। भगवान ने लौकिक लीला संपन्न करने के लिए विवाह किया ।
कथा श्रवण में प्रमुख रूप से वीरेन्द्र पाण्डेय,पूर्व कुलसचिव प्रो. गिरीश कांत पाण्डेय,अविनाश शुक्ला, योगेश तिवारी, डॉ दिव्या शर्मा, विजय पाण्डेय, ज्ञान धर दीवान सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुगण उपस्थित थे।आज कथा का समापन दिवस है।











