रायपुर:स्कूल शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा है कि छत्तीसगढ़ की महान विभूति, शिक्षाविद् और समाज सुधारक और जन जागरण के पुरोधा स्वामी आत्मानंद जी के नाम पर तत्कालीन सरकार ने राज्य भर में अंग्रेजी और हिन्दी माध्यम उत्कृष्ट स्कूल खोल कर न सिर्फ शिक्षा और विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है, बल्कि स्वामी आत्मानंद जी के नाम को भी धूमिल किया है। इन स्कूलों के संचालन की जिम्मेदारी कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित समिति के जिम्मे सौंप कर तत्कालीन सरकार ने इसका भविष्य कलेक्टरों की इच्छा पर सौंप दिया है। यह राज्य की शिक्षा व्यवस्था और विद्यार्थियों के भविष्य के लिए किसी भी स्थिति में उचित नहीं है। स्वामी आत्मानंद स्कूलों में शिक्षा की वर्तमान स्थिति, अनियमितता और कुप्रबंधन को देखते हुए हमारी सरकार ने इसके संचालन के लिए कलेक्टरों की अध्यक्षता में गठित समितियों को तत्काल प्रभाव से समाप्त करने का निर्णय लिया है। स्वामी आत्मानंद स्कूलों में शिक्षा-दीक्षा की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी अब शिक्षा विभाग की होगी।

ब्रेकिंग
- देश की 9 प्रतिभाओं में शामिल राजधानी की महिमा
- मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में आवेदनों के त्वरित निराकरण से लोगों को मिल रही राहत
- 1 जुलाई से लागू होगी वीबी जी राम जी योजना, ग्रामीण क्षेत्रों में उत्साह का माहौल
- कम वर्षा की स्थिति में वैकल्पिक फसलें बनेंगी किसानों की आय का आधार
- धान के बदले वैकल्पिक फसलों की खेती पर मिलेगी 15 हज़ार रुपए प्रति एकड़ तक की सहायता





