
रायपुर:लोकतंत्र की सबसे बड़ी खूबसूरती यह है कि इसमें शासन और प्रशासन सीधे जनता के प्रति जवाबदेह होते हैं। सुशासन और पारदर्शी व्यवस्था की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा उठाया गया एक बेहद प्रभावी कदम सीएम हेल्पलाइन 1076 है। आज यह हेल्पलाइन राज्य के आम नागरिकों के लिए वरदान साबित हो रही है, जिसके माध्यम से घर बैठे उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित हो रहा है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 और प्रशासनिक कामकाज की उच्चस्तरीय समीक्षा करते हुए स्पष्ट किया है कि हेल्पलाइन का उद्देश्य केवल शिकायतों के आंकड़ों को कम करना या पोर्टल पर उन्हें क्लोज करना नहीं है, बल्कि नागरिकों को वास्तविक और संतोषजनक समाधान दिलाना है।
’मुख्यमंत्री का स्पष्ट संदेश- संवेदनशीलता, समयबद्धता और समाधान’
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि उनकी अपेक्षा बहुत स्पष्ट है-जनता को अपनी समस्या लेकर भटकना न पड़े। अधिकांश अधिकारी-कर्मचारी अच्छा काम कर रहे हैं, जिनके परिश्रम की वे सराहना भी करते हैं। लेकिन कुछ लोगों की लापरवाही से पूरे प्रशासन की छवि खराब हो, यह उचित नहीं है। जो अच्छा काम कर रहे हैं, उन्हें प्रोत्साहन मिलेगा; जहां कमी है, वहां सुधार का अवसर मिलेगा; और जो लगातार लापरवाही करेंगे, उनकी जवाबदेही तय होगी। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 का मूल मंत्र संवेदनशीलता, समयबद्धता और समाधान होना चाहिए।
’विस्तृत कार्यप्रणाली और अब तक के आंकड़े’
छत्तीसगढ़ शासन के टोल-फ्री नंबर 1076 के माध्यम से नागरिक सरकारी सेवाओं और अपनी समस्याओं से जुड़ी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं। यह कॉल सेंटर 24 घंटे और सातों दिन चालू रहता है। राज्य शासन के 49 विभागों के लगभग 8 हजार अधिकारी इससे जुड़े हुए हैं तथा 1195 श्रेणियों में निर्धारित समय-सीमा के भीतर शिकायतों के निराकरण की व्यवस्था की गई है। सीएम हेल्पलाइन 1076 पर अब तक 2 लाख 45 हजार 376 शिकायतें दर्ज की गई हैं, जिनमें से 2 लाख 10 हजार 649 शिकायतों का सफल निराकरण किया जा चुका है।








