बेमेतरा:ग्राम परपोड़ा, खम्हरिया (आर), कुम्ही (भिंभौरी), सोरला एवं भरचट्ठी (बेरला) में रात्रिकालीन कार्यक्रमों में की सहभागिता, ग्रामवासियों से आत्मीय भेंट कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की शक्ति की आराधना और भक्ति के पावन पर्व नवरात्रि के अवसर पर क्षेत्र में धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों की धूम है।
इसी क्रम में भाजपा किसान नेता सर्व हिन्दू सनातन संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगेश तिवारी ग्राम परपोड़ा, ग्राम खम्हरिया (आर), ग्राम कुम्ही (भिंभौरी), ग्राम सोरला एवं ग्राम भरचट्ठी (बेरला) में रात्रिकालीन आयोजित विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में सम्मिलित हुए। इस दौरान उन्होंने मां दुर्गा के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हुए समस्त ग्रामवासियों से आत्मीय भेंट की और सभी के सुख, समृद्धि, शांति एवं खुशहाली के लिए मंगलकामना की।नवरात्रि का पर्व भारतीय सनातन संस्कृति में विशेष महत्व रखता है। यह पर्व शक्ति, भक्ति, आस्था और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। इन दिनों गांव-गांव में माता रानी की आराधना, धार्मिक अनुष्ठान, जसगीत, जगराता तथा विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से भक्तिमय वातावरण निर्मित होता है। ऐसे आयोजन लोगों को अपनी परंपराओं से जोड़ने के साथ-साथ समाज में आपसी प्रेम, सद्भाव और एकता की भावना को भी मजबूत करते हैं।योगेश तिवारी ने विभिन्न ग्रामों में आयोजित कार्यक्रमों में सहभागिता करते हुए कहा कि नवरात्रि केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं, बल्कि यह हमें शक्ति, संयम, सेवा और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा भी देता है। मां दुर्गा की आराधना हमें अन्याय के विरुद्ध खड़े होने, सत्य का साथ देने और समाज के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने का संदेश देती है। ऐसे पावन अवसरों पर हमें अपने जीवन में अच्छे विचारों को अपनाने तथा परिवार और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने का संकल्प लेना चाहिए। धार्मिक आयोजन समाज को जोड़ने का सशक्त माध्यम उन्होंने कहा कि ग्रामीण अंचलों में आयोजित धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम हमारी लोक परंपराओं और सनातन संस्कृति की जीवंत पहचान हैं। इन आयोजनों में गांव के सभी वर्गों की सहभागिता देखने को मिलती है। बुजुर्गों के अनुभव, युवाओं का उत्साह, मातृशक्ति की श्रद्धा और बच्चों की भागीदारी मिलकर सामाजिक एकता की सुंदर तस्वीर प्रस्तुत करते हैं। धार्मिक कार्यक्रमों के माध्यम से नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, संस्कार और परंपराओं को समझने का अवसर मिलता है। योगेश तिवारी ने कहा कि गांवों की यही सांस्कृतिक परंपरा हमारी सामाजिक शक्ति है। जब लोग आपसी मतभेदों से ऊपर उठकर धार्मिक और सामाजिक आयोजनों में एक साथ शामिल होते हैं, तो भाईचारा मजबूत होता है और समाज में सकारात्मक वातावरण बनता है। उन्होंने ऐसे आयोजनों को परंपराओं के संरक्षण और जन-जन को जोड़ने की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया। इस अवसर पर योगेश तिवारी ने मां दुर्गा से प्रार्थना की कि सभी ग्रामों में सुख-शांति और खुशहाली बनी रहे। प्रत्येक परिवार स्वस्थ, समृद्ध और सुरक्षित रहे तथा किसानों, मजदूरों, युवाओं, महिलाओं और जरूरतमंदों के जीवन में उन्नति के नए अवसर आएं। उन्होंने कामना की कि क्षेत्र में आपसी सद्भाव कायम रहे और सभी लोग प्रेम, सहयोग एवं भाईचारे के साथ आगे बढ़ें।
उन्होंने ग्रामवासियों के स्नेह, आत्मीयता और अपनत्व के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ग्रामीण अंचल की संस्कृति और लोगों से मिलने वाला स्नेह हमेशा समाज के प्रति जिम्मेदारी का एहसास कराता है। गांवों के लोगों के साथ आत्मीय संवाद और उनके सुख-दुख में सहभागी बनना सामाजिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। नवरात्रि के इस पावन अवसर पर ग्राम परपोड़ा खम्हरिया (आर), कुम्ही (भिंभौरी), सोरला एवं भरचट्ठी (बेरला) शामिल हुए बलराम पटेल ,नीरज सिंह राजपूत, फतेलाल साहू,मालिकराम साहू,डोमन साहू,मनोज साहू,ओमप्रकाश साहू,कुलेश्वर साहू,दुर्गा सिवारे, स्टोरहन साहू,पोषण यादव ,महेंद्र पाटिल,प्रीतम पटेल,राजू साहू,केजू यादव,कैलाश पटेल,संतराम निषाद लाल साहू ,हेमलाल साहू,खुमान प्रसाद शर्मा,दिनेश ठाकुर,मोतीलाल साहू,संजू यादव,विलाश ठाकुर,पुरेंद्र शर्मा,भगवती साहू,दुर्गेश देवांगन,संतोष ठाकुर,मनीष साहू,कुलेश्वर साहू,रूपकुमार ,भगवती साहू,लवकुमार निषाद, जयराम निषाद,देवकुमार यादव,सुनील निषाद,अश्वनी यादव,घनश्याम साहू,रमेश निषाद,गणेश शाहू,एवं ग्रामीण शामिल हुए आयोजित धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में सहभागिता के माध्यम से योगेश तिवारी ने श्रद्धा, सामाजिक सद्भाव और सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। उन्होंने सभी क्षेत्रवासियों को नवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए मां दुर्गा से सबके जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और मंगल बनाए रखने की प्रार्थना की।













