
रायपुर:सेवा संकल्प अभियान 2026 के अंतर्गत प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना ( WDC-PMKSY 2-0) किसानों को आधुनिक सिंचाई तकनीकों से जोड़कर खेती में नए अवसर उपलब्ध करा रही है। जशपुर जिले के पत्थलगांव विकासखंड के ग्राम गोढ़ीकला निवासी किसान मुकेश यादव, पिता कर्णधर यादव के लिए जलग्रहण परियोजना के तहत मिली ड्रिप सिंचाई प्रणाली और तकनीकी मार्गदर्शन खेती में बदलाव का आधार बना है। एक एकड़ में ड्रिप और मल्चिंग तकनीक से खीरे की खेती कर उन्होंने लगभग 2 लाख 25 हजार रुपये की आय अर्जित की। बेहतर परिणामों से उत्साहित होकर अब उन्होंने 4 एकड़ में ग्राफ्टेड टमाटर की खेती शुरू की है।
वर्षा आधारित खेती से आधुनिक तकनीक की ओर बढ़े मुकेश
मुकेश यादव पहले पारंपरिक तरीके से खेती करते थे और मुख्य रूप से वर्षा पर निर्भर रहते थे। सिंचाई की पर्याप्त सुविधा और आधुनिक कृषि तकनीकों के अभाव में उत्पादन सीमित रहता था। खेती में मेहनत और लागत अधिक होने के बावजूद अपेक्षित आय नहीं हो पाती थी।
कृषि विभाग द्वारा जलग्रहण परियोजना के अंतर्गत उन्हें ड्रिप सिंचाई प्रणाली के साथ तकनीकी मार्गदर्शन मिला। इसके बाद उन्होंने एक एकड़ भूमि में ड्रिप एवं मल्चिंग तकनीक अपनाकर उन्नत तरीके से खीरे की खेती शुरू की। नियंत्रित सिंचाई और उर्वरक प्रबंधन के माध्यम से फसल की गुणवत्ता और उत्पादन में सुधार हुआ तथा उन्हें लगभग 2.25 लाख रुपये की आय प्राप्त हुई।
कम पानी में बेहतर उत्पादन ने बढ़ाया भरोसा
मुकेश बताते हैं कि ड्रिप सिंचाई से पौधों को आवश्यकता के अनुसार पानी और पोषक तत्व उपलब्ध कराना आसान हुआ। इससे पानी के उपयोग में बेहतर प्रबंधन के साथ फसल की देखभाल भी सुविधाजनक हुई। खीरे की खेती से प्राप्त बेहतर आय ने उनके भीतर व्यावसायिक खेती को आगे बढ़ाने का विश्वास पैदा किया है।





