कोरिया: जिले के कदमनारा ग्राम पंचायत में एक पहाड़ी के नीचे जोबा पारा आश्रित ग्राम है। यंहा लगभग दो दर्जन आदिवासी परिवार निवासरत हैं। इसी पहाड़ी के नीचे बहने वाले नकटी नाले पर बने एक स्टॉपडेम से इन किसान परिवारो का जीवन बदल रहा है। उचित स्थल चयन के साथ बने एक स्टॉपडेम की मदद से जोबापारा के दर्जनभर किसान परिवार खुशहाली की राह पर बढ़ने लगे हैं। स्टॉपडेम से सिंचाई की सुविधा पाकर यंहा लगभग 30 एकड़ खेतों में धान की फसल लहलहा रही है।
कठिन भौगोलिक परिस्थितियों से संघर्ष
जोबापारा, कदमनारा ग्राम पंचायत में आश्रित ग्राम लगभग पहाड़ी पर बसा हुआ है। जिसके नीचे से नकटी नाले का बहाव है। यंहा की आबादी में आदिवासी परिवार बहुतायत में हैं। भूमि काफी ऊपर नीचे होने के कारण इन भौगोलिक परिस्थितियों में खेती करना बेहद चुनौती भरा है। नाले में पानी रहने के बाद भी यंहा रहने वाले किसान परिवार अपने खेतों में सिंचाई के लिए हमेशा परेशान रहते थे। लेकिन एक स्टॉपडेम ने सिंचाई की सभी मुसीबतें खत्म कर दी हैं।
स्टॉपडेम से मिली राहत
ग्राम पंचायत में उपस्थित होकर जोबा पारा के किसानों ने नकटी नाले पर एक स्टॉपडेम बनाए जाने की मांग रखी। ग्राम सभा के निर्णय अनुसार मनरेगा के अंतर्गत यंहा एक स्टॉपडेम बनाए जाने के लिए 19 लाख रुपए से अधिक स्वीकृत किए गए। ग्राम पंचायत की देखरेख में ही यह निर्माण कार्य पूर्ण कराया गया। अब इससे दर्जन भर किसान सीधे लाभ ले रहे हैं।
सोलर पंप लगाकर सिंचाई
गांव में रहने वाले किसानों ने बताया कि जब स्टॉपडेम निर्माण कार्य पूर्ण हो गया तो हमने सौर सुजला योजना से पंप लगा लिए हैं। अब सौर ऊर्जा संयंत्र से आसानी से ऊपर तक हर खेत में भरपूर पानी पंहुचा रहे हैं। साथ ही स्टॉपडेम में बिजली का पंप भी आवश्यकता अनुसार लगा सकते हैं।




