
रायपुर:जल संरक्षण, रोजगार सृजन और ग्रामीण विकास को एक साथ जोड़ते हुए मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत “मोर गांव-मोर पानी” अभियान प्रभावी रूप से संचालित किया जा रहा है। अभियान के तहत जिले में प्रतिदिन औसतन 20 हजार श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ-साथ भविष्य के जल संकट से निपटने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं।
कलेक्टर संतन देवी जांगड़े के मार्गदर्शन में जिले में जल संरक्षण एवं संवर्धन से जुड़े बड़े पैमाने पर रोजगारमूलक कार्य स्वीकृत किए गए हैं। इन कार्यों पर लगभग 12 करोड़ 83 लाख रुपये की राशि व्यय की जा रही है। स्वीकृत कार्यों में नवीन तालाब निर्माण एवं गहरीकरण, आजीविका डबरी (खेत तालाब), परकोलेशन टैंक, अर्दन चेक डैम, जल संग्रहण संरचनाएं तथा भू-जल पुनर्भरण आधारित विभिन्न कार्य शामिल हैं। इन संरचनाओं के निर्माण से वर्षा जल का संरक्षण होगा, भू-जल स्तर में सुधार आएगा तथा किसानों को सिंचाई के लिए अतिरिक्त जल स्रोत उपलब्ध होंगे। इससे कृषि उत्पादन बढ़ाने और ग्रामीण आजीविका को मजबूत बनाने में भी मदद मिलेगी।







