रायपुर : रायपुर डिवीजन इंश्योरेंस एम्पलाइज यूनियन की महिला समिति द्वारा 9 मार्च की शाम एल आई सी के पंडरी स्थित मंडल कार्यालय में एक कार्यक्रम का आयोजन कर अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस को उत्सवित किया गया l इस कार्यक्रम की अध्यक्षता महिला समिति की अध्यक्षा का. उर्मिला केरकेट्टा एवं संचालन सचिव का. अनुसुइया ठाकुर द्वारा किया गया।इस अवसर पर एल आई सी के रायपुर स्थित सभी कार्यालयों के महिला एवं पुरुष कर्मचारी, अधिकारी व अभिकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित थे l महिला साथियों द्वारा प्रस्तुत जनगीतों के साथ कार्यक्रम का आरंभ हुआ ।आयोजन की प्रस्तावना रखते हुए महिला समिति की सचिव का. अनुसुइया ठाकुर ने कहा कि यह दिन 1857 से दुनिया भर में जारी महिलाओं की संघर्ष यात्रा के स्मरण का दिन है । आज दुनिया भर में थोपे जा रहे साम्राज्यवादी युद्धों, नव उदारवाद तथा निजीकरण की नीतियों ने महिलाओं के न्याय व समानता के अधिकारों पर फिर से पुरजोर हमला किया है। भारत में थोपी जा रही 4 श्रम संहिताओं के माध्यम से महिला कामगारों के विशेषाधिकारों को खत्म किया जा रहा है l इस परिप्रेक्ष्य में इन नीतियों के खिलाफ संघर्ष तेज करना होगा l कार्यक्रम की मुख्य अतिथि सामाजिक कार्यकर्ता श्रीमती अर्चना एडगर ने कहा कि इस वर्ष की महिला दिवस की थीम गिव टू गेन है जो लैंगिक समानता के लिए सहयोग और उदारता के महत्व पर जोर देती है l अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की 115 वीं वर्षगांठ पर यह थीम समानता, न्याय व अधिकारों को मजबूत करते हुए महिला नेतृत्व के विकास पर जोर देती है l उन्होंने महिलाओं से आव्हान किया कि अपने आसपास हो रही घटनाओं के प्रति सतर्क व जागरूक रहे l आयोजन के मुख्य वक्ता आल इंडिया इंश्योरेंस एम्पलाइज एसोसिएशन के अध्यक्ष का. धर्मराज महापात्र ने कहा कि महिला दिवस की यात्रा के इस पड़ाव तक निरंतर जारी संघर्षों के कारण आज देश व दुनिया की महिलाओं को कुछ अधिकार व सुविधाएं हासिल हुई है l भारत मे ज्योतिबा फुले जैसी महान समाज सुधारक को भी लड़कियों की शिक्षा आरम्भ करने के मिशन के लिए भारी विरोध का सामना करना पड़ा था l हमें यह समझना होगा कि महिलाओं के लिए बराबरी व सम्मान के संघर्ष का अर्थ पुरुषों से प्रतिस्पर्धा करना नहीं है l यह संघर्ष पुरुषों व स्त्रियों दोनों के संयुक्त जनतांत्रिक आन्दोलन से ही सफल हो सकता है l का. महापात्र ने कहा कि युद्ध ,सांप्रदायिकता और प्रत्येक प्रकार की हिंसा की सर्वाधिक मार महिलाओं व बच्चों पर पड़ती है l इसलिए हमें युद्ध व सांप्रदायिकता थोपनेवाली ताकतों की खिलाफत करनी होगी l उन्होंने आव्हान किया कि उदारीकरण व निजीकरण की नीतियों तथा मनुवादी, सामंती, पितृसत्तात्मक, सांप्रदायिक विचारों को परास्त करने एकजुट संघर्षों को आगे बढ़ाए l समाज में हो रहे महिलाओं के उत्पीड़न के खिलाफ हम सबको पुरजोर लड़ाई लड़ने की जरूरत है l सभा को क्षेत्रीय महिला समिति की संयोजिका का. ज्योति पाटिल, बीमा सखी नम्रता कौशल, महिला समिति की प्रथम अध्यक्षा रह चुकी का. कुसुम मिश्रा, प्रथम श्रेणी अधिकारी संघ के सचिव का. धनंजय पांडे, शाखा 2 से का. मौली सहारे, सी ए बी रायपुर से का. स्वाति सिरसाट ,महिला अधिकारी का. सुमन तिर्की,चिकित्सक डॉ अदिति तिवारी, आर डी आई ई यू के महासचिव का. गजेन्द्र पटेल, समूह बीमा इकाई से का. संध्या भगत, एल आई सी अधिकारी श्री सुधीर मुलतकर ने भी संबोधित किया l वक्ताओं ने कहा कि देश के सार्वजनिक क्षेत्रों ने महिलाओं के लिए सम्मानजनक रोजगारों का सृजन किया है l लेकिन एल आई सी सहित प्रमुख संस्थानों में स्थाई नई भर्ती पर रोक से बेरोजगारों विशेषकर महिलाओं के समक्ष रोजगार का संकट पैदा हुआ है l वक्ताओं ने सार्वजनिक क्षेत्र के बीमा उद्योग पर जारी हमलों का कड़ा विरोध करते हुए इसकी रक्षा हेतु जारी संघर्षों को तीव्र करने की अपील भी की l कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी महिलाओं को पुष्प गुच्छ प्रदान कर सम्मानित किया गया l रायपुर डिवीजन इंश्योरेन्स एम्पलाइज यूनियन के अध्यक्ष का. राजेश पराते द्वारा प्रस्तुत आभार प्रदर्शन के साथ कार्यक्रम समाप्त हुआ l कार्यक्रम के अंत में महिला समिति द्वारा घोषणा की गई कि पूरे मंडल में विद्यमान महिला समिति की 16 इकाईयों द्वारा महिला दिवस के अवसर पर आगामी दिनों समाज सापेक्ष कार्यक्रमों की श्रृंखला संचालित की जायेगी l










