बेमेतरा : बाबा गुरु घासीदास की जयंती के पावन अवसर पर विभिन्न स्थानों पर झंडारोहण, सतनाम संदेश शोभायात्रा एवं जयंती समारोह श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक समरसता के साथ आयोजित किए गए, जिनमें भाजपा किसान नेता योगेश तिवारी आदरपूर्वक सम्मिलित हुए।
इस अवसर पर बेमेतरा नगर में नवरगे परिवार के द्वारा आयोजित जयंती के कार्यक्रम में तथा चेटुवापुरी धाम में आयोजित कार्यक्रमों में योगेश तिवारी ने बाबा गुरु घासीदास जी के चित्र पर पूजा-अर्चना, दीप प्रज्वलन एवं माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए और सतनाम संदेश शोभायात्रा में सहभागिता निभाई।
पूरे आयोजन के दौरान सतनाम, सत्य और समानता के उद्घोष से वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण रहा। शोभायात्रा में समाज के वरिष्ठजन, किसान, युवा, महिलाएं, जनप्रतिनिधि एवं कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए, जिससे सामाजिक एकता और भाईचारे का सुंदर संदेश देखने को मिला।
इस अवसर पर भाजपा किसान नेता योगेश तिवारी ने कहा कि — बाबा गुरु घासीदास जी का संदेश ‘मनखे-मनखे एक समान’ केवल विचार नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने वाला जीवन दर्शन है। उन्होंने सत्य, अहिंसा और मानवता के मार्ग पर चलकर भेदभाव रहित समाज की नींव रखी।”उन्होंने आगे कहा कि आइए, इस पावन अवसर पर हम सब यह संकल्प लें कि
• सत्य के मार्ग पर चलेंगे
• समाज में प्रेम, भाईचारा और समानता बनाए रखेंगे
• नशा, हिंसा और भेदभाव से दूर रहेंगे
• और बाबा जी के बताए हुए आदर्शों को आने वाली पीढ़ी तक पहुँचाएँगे
बाबा गुरु घासीदास जी ने अपने संपूर्ण जीवन से ऊँच-नीच, अन्याय और सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध सशक्त संघर्ष किया और मानवता, सादगी व नैतिकता को जीवन का मूल आधार बताया। आज के समय मे उनके विचार समाज के लिए और भी अधिक प्रासंगिक एवं प्रेरणादायी हैं।
योगेश तिवारी ने कहा कि झंडारोहण, सतनाम संदेश शोभायात्रा और जयंती समारोह जैसे आयोजन नई पीढ़ी को अपने महापुरुषों, संस्कृति और मूल्यों से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे बाबा गुरु घासीदास जी के आदर्शों को अपनाकर समाज में समरसता, सेवा और सद्भाव को और मजबूत करें।
कार्यक्रम के समापन पर सभी उपस्थितजनों ने बाबा गुरु घासीदास जी के बताए मार्ग पर चलने, सत्य और समानता को जीवन में अपनाने तथा समाज में सौहार्द और एकता बनाए रखने कासंकल्प लिया।इस अवसर पर पीयुष शर्मा मनोज सिन्हा सरपंच अंजलि सेनवानी, उप सरपंच अनिल मारकण्डे,सुखाराम मारकण्डे,चंद्रकुमार सेनवानी,दिलीप ,भगवती बंजारे,जितेंद्र बंजारे,टोपेंद्र सोनवानी,पुरुषोत्तम ,दुर्जन मारकण्डे,राजकुमार सेरवानी, धनीराम मारकण्डे, हेमंत डहरे,केबल चालक, गणेश दास कुर्रे प्राचार्य, सजेश नवरंगें,राजेश मारकण्डे, पी.आर.पटले,सवन कुमार द्वारिका कुर्रे,नमन दास,राकेश टंडन, टेकराम कुर्रे, शामिल हुए एवं समाज के गणमान्य नागरिक, ग्रामवासी, जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी, किसान, युवा एवं महिला वर्ग बड़ी संख्या में उपस्थित थे।









