मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर: जिले में महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण आजीविका को मजबूती प्रदान करने की दिशा में ‘बिहान’ योजना प्रभावी ढंग से कारगर सिद्ध हो रही है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत गठित स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन एवं मत्स्य पालन जैसी विभागीय योजनाओं से जोड़ा जा रहा है।
कृषि सखियों के माध्यम से गांव-गांव में किसान पाठशालाएं संचालित की जा रही हैं, जहां ग्रामीण महिलाओं को जैविक खेती की विधियां स्थानीय संसाधनों के माध्यम से सिखाई जा रही हैं। निम्बास्त्र, ब्रह्मास्त्र, अग्निअस्त्र एवं जीवामृत जैसी जैविक दवाओं के निर्माण की जानकारी दी जा रही है, जिससे महिलाएं अब स्वयं ही अपने घरों में जैविक कीटनाशकों का निर्माण कर रही हैं। कीटनाशक दवाओं के दुष्प्रभावों से बचने और खेती की लागत घटाने की दिशा में यह एक सकारात्मक पहल है।







