रायपुर :. छत्तीसगढ़ युवा विकास संगठन संचालित विप्र कला, वाणिज्य एवं शारीरिक शिक्षा महाविद्यालय और शासकीय नवीन महाविद्यालय गुढ़ियारी रायपुर के संयुक्त तत्वावधान में राजधानी में पहली बार अशैक्षणिक सदस्यों के लिए एक दिवसीय वर्कशॉप का आयोजन किया गया l विप्र महाविद्यालय के सभागार में आयोजित अशैक्षणिक सदस्यों के लिए एक दिवसीय वर्कशॉप
में प्रमुख वक्ता के रूप में प्रो. प्रीति के. सुरेश (संचालक एमएमटीटीसी एवं प्राध्यापक फार्मेसी विभाग पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर) एवं प्रो. अशोक शर्मा (शासकीय योगानंदम छत्तीसगढ़ महाविद्यालय रायपुर) ने व्यक्तित्व विकास सेशन के साथ नैतिकता और कुशलता की ट्रेनिंग प्रदान किया।
प्रो. प्रीति के. सुरेश ने कहा कि महाविद्यालय के विकास में अशैक्षणिक सदस्यों की भूमिका अप्रत्यक्ष रूप से महत्वपूर्ण होती है। इसलिए अशैक्षणिक सदस्यों को महाविद्यालय की गतिविधियों और नियमों की जानकारी होनी चाहिए। क्योंकि प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से विद्यार्थियों के साथ पालकों से भी उनका जुड़ाव होता है। संस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए शैक्षणिक और अशैक्षणिक सदस्यों के बीच सामंजस्य आवश्यक है ।साथ ही महाविद्यालय के अन्य सदस्यों ,विद्यार्थियों एवं पालकों की फीडबैक के आधार पर निरंतर अपने कार्यों में सुधार करने की प्रवृत्ति होनी चाहिए ।विश्वविद्यालय भी अशैक्षणिक सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका को समझते हुए एक सप्ताह का कोर्स डिजाइन कर रहा है ।अतः इसमें सभी महाविद्यालय के अशैक्षणिक सदस्यों की भागीदारी महाविद्यालय के विकास के लिए आवश्यक है।
अशैक्षणिक सदस्यों के लिए एक दिवसीय वर्कशॉप के द्वितीय सत्र में प्रो. अशोक शर्मा ने कहा कि सामंजस्य बनाए रखने के लिए आपसी संवाद आवश्यक है ,जिससे सद्भावना और आपसी समझ विकसित हो ।साथ ही अपने व्यक्तित्व विकास पर कार्य करने की भी आवश्यकता होती है। अपने कार्यों की निरंतर विश्लेषण करके उसमें आवश्यक सुधार करते रहना चाहिए। संगठन के विकास में योगदान के लिए अनुशासन, दया, सेवा भाव जैसे गुण आवश्यक है। यह गुण विकसित करने के लिए शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मन ,बुद्धि और चित् की पवित्रता और विकास के भी प्रयास होनी चाहिए, इसके लिए योग, प्राणायाम, ध्यान के साथ थोड़ा अध्ययन और मनन आवश्यक है । शासकीय नवीन महाविद्यालय गुढ़ियारी के प्राचार्य डॉ. मधुलिका अग्रवाल ने कहा कि विप्र कॉलेज के सभागार में आयोजित वर्कशॉप में दोनों महाविद्यालय के अशैक्षणिक सदस्यों के लिए व्यक्तित्व विकास सेशन के साथ कार्य में नैतिकता और कुशलता की ट्रेनिंग निश्चित ही दोनों महाविद्यालय के विकास के लिए महत्वपूर्ण होगा। उपरोक्त जानकारी देते हुए विप्र कॉलेज के प्राचार्य डॉ.मेघेश तिवारी ने बताया कि वर्कशॉप में दोनों महाविद्यालय के अशैक्षणिक सदस्यों की भागीदारी निश्चित ही उनके कार्यों की गुणवत्ता में वृद्धि करेगी। अशैक्षणिक सदस्यों के लिए एक दिवसीय वर्कशॉप के संयोजक डॉ. आराधना शुक्ला ने वर्कशॉप की रूपरेखा प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ .दीपशिखा शर्मा ने किया।इस अवसर दोनों महाविद्यालय के अशैक्षणिक सदस्यगण बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

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