रायपुर:क्या रायपुर , क्या छत्तीसगढ़ पूरे प्रदेश में सड़कों पर मौत का तांडव साक्षात उपलब्ध है, कलयुग का यमराज जो आपके जीवन लीला को कभी भी समाप्त करने पर एक सेकंड नहीं लगेगा पर किसी को इससे कोई लेना नहीं क्योंकि सबको तो इसमें अपना फोटो लगवाना रहता है । किसी के फोटो लगवाने के चक्कर में कहीं जनता के फोटो में माला ना चढ़ जाए ।
कल शाम को शहर में हल्का सा मौसम का मिजाज बदला हल्का अंधड़ आया हवा चली और सड़क पर लगे बड़े-बड़े यूनिपोल के , होल्डिंग में लगे मोटी पालीथीन का फ्लेक्स फटकर ऐसे उड़ने लगा जैसे कागज के टुकड़े उड़ते है।
सड़कों पर बिजली के खंभों में लगाए गए छोटे-छोटे लकड़ी व लोहे के फ्रेम में बनें फ्लेक्स तो इधर-उधर पलटने लगे, खंभों में झूलने लगे , और कई तो हवा में उड़ने भी लगे। इसी बीच जी ई रोड में एक मोटरसाइकिल सवार बंदा घायल होते-होते बचा। एक फ्लेक्स उड़ के उनके मोटर साइकिल के सामने गिर गया एक क्षण का भी देर होता या उनका मोटरसाइकिल तेज रफ्तार से होता तो आज उनकी जिंदगी का इति श्री हो गया होता । यही हाल शहर के अनेक सड़कों में सब तरफ था। फ्लेक्स उड़ रहे थे और आम राहगीरों को भी प्रभावित कर रहा था। क्या यह उचित है हवा में पॉलिथीन तो ऐसा उड़ रहे थे जैसे लोगों की जिंदगी में फूल की बारिश कर रहे हो।
सोचिए क्या यह चलता फिरता मौत नहीं है? सोचिए किसी मोटरसाइकिल चला रहे व्यक्ति के ऊपर फ्लेक्स आकर गिरकर अगर उन्हें ढक दे तो उस व्यक्ति का क्या होगा ? कहीं भी जाकर टकरा जाएगा , गिर जाएगा , किसी भी गाड़ी में जाकर टकरा जाएगा और उनकी जिंदगी का अंत हो जाएगा । किसी पैदल चल रहे व्यक्ति के ऊपर गिर जाएगा तो उनका क्या होगा ।इसीलिए तो मैंने लिखा है यह सड़क पर चलता फिरता मौत है।
बिजली के खंभों में लगे बेतरतीब फ्लेक्सो को तत्काल हटाया जाना चाहिए , और शक्ति से यह अमल किया जाना चाहिए कि बीच सड़क पर खभों पर किसी तरह का फ्लेक्स नहीं लगाना चाहिए। फ्लेक्स लगाना है तो घरों के दीवारों पर लगे।










