रायपुर:मजदूरों के अंतराष्ट्रीय पर्व 1 मई को मजदूरों के द्वारा झंडारोहण, रैली, सभा आदि परंपरागत रूप से आयोजित की जाती है किंतु प्रदेश में विभिन्न स्थानों पर इन कार्यक्रमों की सूचना तक लेने से जिला प्रशासन द्वारा इंकार किए जाने और इसकी अनुमति न देने का कड़ा विरोध करते हुए सीटू ने राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के नाम ज्ञापन सौंपा और इस पर सभी जिलों को उचित निर्देश का आग्रह किया ।
सीटू के राज्य सचिव धर्मराज महापात्र, संयुक्त ट्रेड यूनियन कौंसिल के अध्यक्ष वी एस बघेल, कोषाध्यक्ष अतुल देशमुख, वासुदेव शुक्ला ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी की अनुपस्थिति में श्री यू सी अग्रवाल को यह ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि इसके पूर्व भी चुनाव के दौरान मई दिवस मनाए गए हैं इसलिए ऐसी कोई रोक नहीं होनी चहिए । इसका चुनाव आचार संहिता से कोई लेना देना नहीं है। श्री महापात्र ने कहा कि बिना किसी अनुमति के विभिन्न धार्मिक आयोजनों की बड़ी बड़ी रैलियां डी जे के साथ हो रही है और यह श्रमिक वर्ग का उत्सव है जिसे पूरी दुनिया 8 घंटे के काम के अधिकार के लिए बलिदान देने वाले मजदूर आंदोलन के शहीदों की स्मृति में मनाती हैं अतः इस पर रोक नहीं होनी चाहिए । पत्र के साथ सीटू ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त तथा निर्वाचन आयोग के पुराने पत्रों की रोशनी में तेलंगाना निर्वाचन पदाधिकारी द्वारा मई दिवस की स्वीकृति का पत्र संलग्न कर छत्तीसगढ़ में भी इस पर सभी निर्वाचन अधिकारियों को उचित निर्देश देने का आग्रह किया ।
श्री अग्रवाल ने इस पर सहमति जाहिर करते हुए सभी जिलों को उचित निर्देश का आश्वासन दिया।
सीटू राज्य सचिव महापात्र ने मई दिवस को सार्वजनिक अवकाश घोषित करने की मांग का पत्र भी मुख्यमंत्री को प्रेषित कर इसे स्वीकार करने की मांग की है।

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