रायपुर : .संस्कृति विभाग छत्तीसगढ़ शासन के सौजन्य से छत्तीसगढ़ी ब्राह्मण समाज के तत्वावधान में विप्र सांस्कृतिक भवन प्रबंध समिति द्वारा संत कवि पवन दीवान श्रद्धांजलि सभा एवं सम्मान समारोह का आयोजन मुख्य अतिथि रविंद्र चौबे (पूर्व मंत्री छत्तीसगढ़ शासन) , पूर्व विधायक वीरेंद्र पांडेय, कृषक कल्याण परिषद के पूर्व अध्यक्ष सुरेंद्र शर्मा ,न्यायमूर्ति टीपी शर्मा ,प्रमोद दुबे (सभापति नगर पालिका निगम रायपुर), आईएएस शिवकुमार तिवारी, पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति एसके पांडे, पार्षद मृत्युंजय शर्मा ,पार्षद सरिता दुबे और प्रभा दुबे की गरिमामय उपस्थिति में संपन्न हुआ।
सम्मान समारोह में रविन्द्र चौबे ने कहा कि छत्तीसगढ़ियों में स्वाभिमान जगाने वाले पवन दीवान छत्तीसगढ़ के आत्मा थे ।छत्तीसगढ़ की दुर्दशा और छत्तीसगढ़ियों की गरीबी देखकर उनके आंखों में आंसू आ जाते थे। उन्हें अपार पीड़ा और वेदना था कि छत्तीसगढ़ की जमीन उपजाऊ है, पानी है ,संसाधनों से परिपूर्ण है ,यहां के लोग मेहनती हैं पर उनका हक उन्हें नहीं मिल पा रहा है। इसके लिए उन्होंने भागवत के माध्यम से ,अपने गीत के माध्यम से और राजनीति के माध्यम से छत्तीसगढ़ के विकास के लिए ही सतत उन्होंने साधना की। आज निश्चित ही पवन दीवान होते तो छत्तीसगढ़ का विकास देख उन्हें खुशी महसूस होती। उनके नाम से साहित्यकारों का सम्मान करने की परंपरा प्रारंभ कर छत्तीसगढ़ी ब्राह्मण समाज सच्ची श्रद्धांजलि दे रहा है। इसके बाद रवींद्र चौबे ने घोषणा की इस वर्ष संत कवि पवन दीवान सम्मान वरिष्ठ साहित्यकार लेखक और समाज सेवक नंदकिशोर शुक्ला एवं छत्तीसगढ़ साहित्य की विविध विधाओं यथा निबंध ,कहानी, उपन्यास, संस्मरण साहित्यकार सरला शर्मा को प्रदान किया जा रहा है।
पवन दीवान के साथ विधायक रहे वीरेंद्र पांडेय ने कहा कि हम पवन दीवान को इसलिए याद करते हैं, क्योंकि वे संत थे ,कवि थे, छत्तीसगढ़ माटी के प्रेमी थे और छत्तीसगढ़ के गौरवशाली परंपरा को जीवन्त करने वाले और छत्तीसगढ़ के लिए लड़ने वाले छत्तीसगढ़ के गांधी थे । सुरेंद्र शर्मा ने उनका स्मरण करते हुए कहा कि संत कवि पवन दीवान छत्तीसगढ़ के गौरव थे। प्रमोद दुबे ने कहा कि पवन दीवान व्यक्तित्व नहीं विचार थे राजनीति में शुचिता हम लोगों ने उनसे सीखा। टीपी शर्मा ने पवन दीवान का स्मरण करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ से प्रेम करने वाले पवन दीवान ने पूरे भारत में छत्तीसगढ़ के गौरवशाली इतिहास का गुणगान किया। छत्तीसगढ़ के विकास के लिए उन्होंने पृथक छत्तीसगढ़ राज्य के लिए हमेशा संघर्ष किया।
इसके पूर्व कार्यक्रम के संबंध में जानकारी विप्र सांस्कृतिक भवन प्रबंध समिति के अध्यक्ष नरेंद्र तिवारी ने दी। अंत में आभार प्रदर्शन करते हुए छत्तीसगढ़ युवा विकास संगठन के अध्यक्ष ज्ञानेश शर्मा ने बताया कि रविंद्र चौबे की परिकल्पना और प्रयास से प्रारंभ छत्तीसगढ़ के स्वप्न द्रष्टा पुरोधा संत कवि पवन दीवान के पुण्यतिथि में श्रद्धांजलि सभा में छत्तीसगढ़ के विभूति साहित्यकारों नंदकिशोर शुक्ला और सरल शर्मा को संस्कृति विभाग छत्तीसगढ़ शासन के सौजन्य से ₹21000/-,स्मृति चिन्ह , सम्मान पत्र ,शाल व श्रीफल से सम्मानित किया गया।समारोह का संचालन डॉ. मेघेश तिवारी ने किया।
इस अवसर पर अविनाश शुक्ला, उमाकांत शर्मा ,नटराज शर्मा, प्रीति शुक्ला ,व्यास नारायण शुक्ला ,भूपेंद्र शर्मा, राजेंद्र तिवारी ,डॉ संजय शुक्ला ,सुनील पांडे ,संजय दीवान ,नटराज शर्मा ,सुधीर शर्मा, कुसुम शर्मा, सुरेंद्र शुक्ला, के.के. शुक्ला ,पतंजलि दीवान ,विभा तिवारी ,अशोक दीवान और सुषमा तिवारी सहित छत्तीसगढ़ी ब्राह्मण समाज के सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित थे। समान समारोह के पूर्व आयोजित कवि सम्मेलन में छत्तीसगढ़ी कवि मीर अली मीर, निशा तिवारी, भरत त्रिवेदी, सुमन बाजपेई ,संजय शर्मा और संध्या रानी शुक्ला की कविताओं का आनंद श्रोताओं ने उठाया।
















