रायपुर :. विप्र कला, वाणिज्य एवं शारीरिक शिक्षा महाविद्यालय तथा शासकीय नागार्जुन स्नातकोत्तर विज्ञान महाविद्यालय के संयुक्त तत्वाधान में “क्वांटम कंप्यूटिंग” विषय पर तीन दिवसीय नेशनल सेमिनार का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रो. गिरीश कान्त पांडेय,पूर्व कुलसचिव पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय तथा डॉ. अनिल कुमार तिवारी प्राचार्य, दिशा महाविद्यालय की अध्यक्षता में संपन्न हुआ।
तीन दिवसीय सेमिनार के उदघाटन अवसर पर मुख्य अतिथि प्रो . गिरीश कान्त पांडेय ने अपने उदबोधन में कहा कि क्वांटम कंप्यूटिंग आने वाली भविष्य के लिए कंप्यूटर के क्षेत्र में एक नया युग स्थापित करेगा। जिससे हर एक चीज बहुत आसानी से बहुत तेज गति से संचालित होगा। मेडिकल साइंस में क्रांतिकारी परिवर्तन संभव है।मानव जीवन की औसत आयु 120 से 125 वर्ष तक हो सकता है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ. अनिल कुमार तिवारी ने बताया कि क्वांटम कंप्यूटिंग का रिसर्च फील्ड में बहुत बड़ा उपयोगी साबित हो सकता है।आने वाले भविष्य में इसके माध्यम से रिसर्च आसान ,सुविधाजनक और तीव्र गति से किया जा सकता है । अतिथियों का स्वागत करते हुए प्राचार्य डॉ. मेघेश तिवारी ने कहा कि साइंस कॉलेज के साथ यह पहला संयुक्त आयोजन है ।क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे महत्वपूर्ण विषय पर हाइ ब्रीड मोड में तीन दिनों तक विषय विशेषज्ञों के माध्यम से चर्चा करने का उद्देश्य यही है कि हमारे विद्यार्थी कंप्यूटर के क्षेत्र में होने वाले क्रांतिकारी परिवर्तन के लिए खुद को अपडेट रखें और आज जिस प्रकार कंप्यूटर के क्षेत्र में भारत के युवाओं का बोलबाला है ,इसी तरीके से भविष्य में कम्प्यूटर के क्षेत्र में विश्व गुरु का दर्जा प्राप्त कर सकते हैं।

इसके बाद इसके प्रथम सत्र वक्ता एन. आई. टी. के डॉ. तीर्थ कुमार साहू ने बताया कि क्यूबिट के माध्यम से हम क्वांटम कंप्यूटिंग के एक नए क्षेत्र में पहुंच सकते हैं ।क्यूबिट वास्तव में कंप्यूटर की एक पाठ है जिसका प्रयोग क्वांटम में करते हुए इसको हर एक फील्ड में प्रयोग किया जा सकता है।

दूसरे सत्र में ऑनलाइन माध्यम से जुड़कर रूंगटा कॉलेज के डॉ. आशीष कुमार ताम्रकार ने बताया कि सॉफ्टवेयर के माध्यम से क्वांटम कंप्यूटिंग का प्रयोग कैसे किया जा सकता है।मंच का संचालन डॉक्टर कंचन मिश्रा तथा आभार प्रदर्शन डॉ. किरणबाला दुबे ने किया।

संयोजक मोहित श्रीवास्तव ने बताया कि क्वांटम का प्रयोग फिजिक्स के माध्यम से करते हुए हम नए प्रयोग में ला सकते हैं। सेमिनार के दूसरे दिवस रायपुर के डॉ. सुरेंद्र पटेल तथा कोलकाता से डॉ. पुसन कुमार शामिल होंगे।इस अवसर पर विप्र कॉलेज एवं साइंस कॉलेज के विद्यार्थी,शोधार्थी एवं समस्त प्राध्यापक उपस्थित थे।








