रायपुर:डूण्डा कौशल्या बिहार साहू समाज एवं परिवार के द्वारा आयोजित श्री मद भागवत ज्ञान एक सप्ताह की समापन अवसर पर गीता पर सर अगर उद्बोधन देते हुए शंकराचार्य आश्रम के प्रभारी डॉक्टर इन्दुभवानन्द महाराज ने बताया कि गीता भगवान का हृदय है भगवान गीता रूपी ज्ञान देना नहीं चाहते थे किंतु अर्जुन ने ऐसी स्थिति निर्मित कर दी कि भगवान को ना चाहते हुए भी गीता रूपी ज्ञान देना पड़ा जब दोनों सेनाये परस्पर युद्ध करने के लिए खड़ी हो गई तब अर्जुन के मन में कार्पण्य भाव आ गया और वह युद्ध से हट गया उसको पुनः युद्ध में प्रव्रत करने के लिए भगवान श्री कृष्ण ने जो ज्ञान युद्ध भूमि में ज्ञान दिया था इस ज्ञान को गीता का ज्ञान कहा गया आज पूर्णाहूति हवन भंडारा तथा नगर भ्रमण भी किया गया।

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