रायपुर:डूण्डा कौशल्या माता बिहार में साहू परिवार एवं समाज की ओर से आयोजित श्रीमद् भागवत ज्ञान सप्ताह में शंकराचार्य आश्रम के प्रमुख डॉक्टर इन्दुभवानन्द महाराज ने कृष्ण जन्म की कथा को विस्तार देते हुए बताया कि भगवान सत्य के भी सत्य है भगवान की सत्ता से जगत सत्यवत् प्रतीत होता है उस बाधित जगत सत्य के भी सत्य भगवान हैं। जब भगवान देवकी के गर्भ में आए तो समस्त देवगण स्तुति करने के लिए उपस्थित हो गए स्तुति करते हुए देवताओं ने कहा कि आप सत्य से ही प्राप्त किये जा सकते हैं, आपकी प्राप्ति का साधन सत्य है और सत्य ही आपका व्रत है एक बार जो प्रतिज्ञा आप कर लेते हैं उसको पूर्ण करते हैं।
उन्होंने कहा देवताओं के मन में यह संदेह उत्पन्न हो गया की गर्भवास महान दु:ख माना जाता है उस दु:ख को देखकर भगवान गर्भ से लौट न जाए इसलिए अपनी प्रार्थना में सत्यव्रत का प्रयोग करते हैं। पृथ्वी जल, तेज, वायु, आकाश इन पंच भूतों की सत्यता के भी आप कारण हैं तथा इन पंच भूतों में स्वयं आप व्यवहारिक सत्य के रुप में व्याप्त हैं, तथा आप स्वयं पारमार्थिक सत्य है।सुधि वक्ता ने आगे कथा का विस्तार करते हुए बताया कि भगवान का जन्म दीक्षा कम से होता है सर्वप्रथम भगवान वसुदेव के मन में आए वसुदेव के मन से देवकी के मन में प्रविष्ट हो गए यही दीक्षा क्रम है इसी दीक्षा क्रम से भगवान अजन्मा होकर जन्म लेते हैं यही भगवान की जन्म का रहस्य है। इसके पूर्व गजेंद्र मोक्ष समुद्र मंथन गंगावतरण तथा राम जन्म की कथा पर भी प्रकाश डाला कथा के पूर्व यजमान सुंदरलाल साहू , विद्या साहू ने पोती का पूजन कर भागवत भगवान की आरती उतारी आज की कथा में सुखलाल साहू बसंत साहू कमलेश साहू सुंदर घनश्याम सुखदेव रघुनाथ साहू भारत राधे गंगा नंदकिशोर देवांगन आदि भक्त जन मौजूद थे।











