रायपुर:



हमारे स्वतंत्रता संग्राम सेनानी हमारे गौरव हैं। मातृभूमि की रक्षा के लिए, आम जनता की भलाई के लिए उन्होंने अपने प्राणों की परवाह नहीं की। पद्मश्री डॉ. महादेव प्रसाद पांडेय ने तो 13 साल की छोटी सी आयु में स्वाधीनता संघर्ष में हिस्सा लिया, वहीं समाजसेवी नारायण प्रसाद अवस्थी ने आयुर्वेद की शिक्षा के विकास के लिए अपनी मालगुजारी के पांच गांव त्याग दिये। ये हमारे पुरखे दधीचि की तरह हैं जिन्होंने अपना सब कुछ लूटाकर, दान कर देश को समर्पित कर दिया।








