
नई दिल्ली:करीब साढ़े छह साल पहले हुई इस नोटबंदी के बाद सरकार ने 2000 रुपये के नए नोट शुरू किए थे. आरबीआई ने आईबीआई एक्ट की धारा 24(1) के तहत नवंबर 2016 में 2 हज़ार रुपये के नए नोट जारी किए गए थे.आरबीआई ने अपने बयान में कहा है कि ऐसा नोटबंदी के बाद पैदा हुई ज़रूरतों को पूरा करने के लिए किया गया था.आरबीआई ने कहा, “ये उद्देश्य बाज़ार में अन्य नोट पर्याप्त मात्रा में आ जाने के बाद पूरा हो गया था और इसलिए साल 2018-19 में दो हज़ार रुपये के नोट छापने बंद कर दिए गए थे.”2 हज़ार रुपये के नोट धीरे-धीरे आम इस्तेमाल से भी बाहर हो रहे थे. आरबीआई ने 2 हज़ार रुपये के 89 प्रतिशत नोट मार्च 2017 से पहले जारी किए थे.रिज़र्व बैंक ने दो हज़ार रुपये के नोटों को वापस लेते हुए कहा है कि ये बैंक की क्लीन नोट पॉलिसी के तहत किया जा रहा है. आरबीआई ने बैंकों को दो हज़ार रुपये में भुगतान करने से तुरंत रोक दिया है.









