
रायपुर: अर्नब तूफान और बेमौसम बारिश के चलते उत्पन्न स्थिति पर चिंता जाहिर करते हुए प्रदेश कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा है कि आज छत्तीसगढ़ का किसान गहरे संकट में है। बेमौसम बारिश और तूफान ने लाखों हेक्टेयर में लहलहाती फसल को मिट्टी में मिला दिया है। लेकिन बेहद शर्मनाक बात यह है कि इस आपदा के समय भी भाजपा की साय सरकार किसानों के आंसू पोछने के बजाय उत्सव मनाने और हवाई करतब दिखाने में व्यस्त है। ऊपर से सरकार की हठधर्मिता के कारण पटवारी हड़ताल पर हैं, ऐसे में कौन करेगा क्षति का मूल्यांकन और कब मिलेगा किसानों को मुआवजा?
प्रदेश कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा है कि इस आपदा के वक्त भाजपा सरकार ने प्रदेश के अन्नदाताओं को पूरी तरह बेसहारा छोड़ दिया है। जब खेतों में पानी भरा है और फसल सड़ रही है, लाखों किसानों की साल भर की मेहनत, गाढ़ी कमाई और लहलहाती फसलें बर्बाद हो चुकी हैं। एक तरफ किसान आसमान की तरफ देखकर रो रहा है, और दूसरी तरफ भाजपा सरकार संवेदनशीलता दिखाने के बजाय जश्न मनाने और हवाई करतब दिखाने में व्यस्त है। ऊपर से पटवारियों के हड़ताल पर होने के कारण क्षति के मूल्यांकन पर भी संकट खड़ा हो गया है।
प्रदेश कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा है कि सरकार की अनुचित जिद और अड़ियल रवैये के कारण पटवारी हड़ताल पर हैं। जब तक पटवारी काम पर नहीं लौटेंगे और गिरदावरी और फसल नुकसानी का सर्वे नहीं होगा, तब तक किसानों को मुआवजा मिलना असंभव है। सरकार अपनी नाकामी छुपाने के लिए इस गंभीर संकट से आंखें मूंद रही है। धान, दलहन, तिलहन और सब्जियों की फसलें पूरी तरह तबाह हो चुकी हैं। कर्ज के जाल में फंसे किसान के सामने इस सीजन में परिवार पालने और अगला फसल चक्र चलाने का संकट पैदा हो गया है। किसानों के खेतों में पानी भरा है, तूफान की तेज हवाओं से फलस लेट गए हैं और भाजपा सरकार उत्सव मना रही है। यह सरकार की क्रूर संवेदनहीनता को दिखाता है।







