
रायपुर:राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत पूरे देश सहित छत्तीसगढ़ में 15 वर्ष से अधिक आयु के असाक्षर वयस्कों को शिक्षित और सशक्त बनाने के उद्देश्य से ‘उल्लास-नव भारत साक्षरता कार्यक्रम’ (ULLAS) संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस (8 सितम्बर) के उपलक्ष्य में छत्तीसगढ़ शासन, स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा 1 से 15 सितम्बर 2026 तक पूरे प्रदेश में 15 दिवसीय राज्यव्यापी ‘साक्षरता पखवाड़ा’ आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने इस संबंध में समस्त जिला कलेक्टरों एवं जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण के अध्यक्षों को विस्तृत कार्ययोजना भेजकर जिले में व्यापक जन-भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं।
साक्षरता पखवाड़े की शुरुआत 1 सितम्बर को समस्त शासकीय कार्यालयों, स्कूलों एवं कॉलेजों में उल्लास शपथ के साथ होगी। इस अभियान के दौरान घर-घर सघन सर्वेक्षण कर 15 वर्ष से अधिक आयु के असाक्षरों और स्वयंसेवी शिक्षकों का उल्लास मोबाइल ऐप के माध्यम से शत-प्रतिशत डिजिटल पंजीयन किया जाएगा। अभियान को जन-आंदोलन बनाने के लिए कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों द्वारा 10 असाक्षरों को साक्षर बनाने पर स्थानीय एवं बोर्ड परीक्षा में 10 बोनस अंक देने का विशेष प्रावधान किया गया है, जिसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। पखवाड़े के शुरुआती दिनों में ‘अंगूठे से कलम की ओर’ अभियान चलाकर नव-साक्षरों को हस्ताक्षर सिखाया जाएगा तथा शिक्षक दिवस (5 सितम्बर) पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों व समाजसेवियों का सम्मान किया जाएगा।







