
रायपुर:कृषि विज्ञान केंद्रों और कृषि विश्वविद्यालयों में स्थापित माइक्रो फूड प्रोसेसिंग इन्क्यूबेशन सेंटर (कॉमन इन्क्यूबेशन सेंटर) किसानों, युवाओं और नए उद्यमियों को कम लागत पर आधुनिक मशीनरी, उत्पाद परीक्षण, पैकेजिंग और कौशल प्रशिक्षण की साझा सुविधा प्रदान करते हैं। बिना बड़ी मशीनें खरीदे, उद्यमी यहाँ अपने कच्चे माल (जैसे फल, सब्जी, मसाले या मिलेट्स) से जूस, अचार, सॉस व अन्य उत्पाद बनाकर उनकी गुणवत्ता और बाजार का परीक्षण कर सकते हैं।
धमतरी जिले में कृषि एवं उद्यानिकी उत्पादों के मूल्य संवर्धन और ग्रामीण उद्यमिता को नई पहचान देने के लिए एक बड़ी पहल की गई है। कृषि विज्ञान केंद्र (KVK), धमतरी में नवनिर्मित ‘माइक्रो फूड प्रोसेसिंग इन्क्यूबेशन सेंटर’ का भव्य लोकार्पण राज्य के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा द्वारा किया गया। इस अवसर पर खाद्य प्रसंस्करण विषय पर आयोजित तीन दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का भी सफलतापूर्वक समापन हुआ।
वैज्ञानिक प्रसंस्करण से किसानों की आय दोगुनी करना मुख्य उद्देश्य: मंत्री श्री टंक राम वर्मा
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रभारी मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि कृषि और उद्यानिकी उपजों का वैज्ञानिक विधि से प्रसंस्करण (Processing) करना किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने का एक सशक्त माध्यम है। कृषि विज्ञान केंद्रों की भूमिका अब सिर्फ तकनीक पहुंचाने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इन्हें ग्रामीण उद्यमिता के पावरहाउस के रूप में विकसित किया जा रहा है। ‘प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना’ से ग्रामीण युवाओं, स्व-सहायता समूहों और एफपीओ (FPO) को स्वरोजगार के बेहतरीन अवसर मिल रहे हैं।









