
रायपुर:राजधानी रायपुर में मानसून की पहली ही तेज़ बारिश ने भाजपा सरकार के विकास के दावों की पोल खोल दी है। शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है। लोगों के घरों में पानी घुस गया है, जिससे अनाज, राशन, हल्दी-मसाले, कपड़े, बिस्तर, घरेलू सामान और रसोई गैस सिलेंडर तक पानी में बह गए हैं। आम नागरिक भारी आर्थिक नुकसान और परेशानी का सामना कर रहे हैं। उपाध्याय आज सुबह से राजधानी के जलभराव क्षेत्रों में चाहे वह गुड़ियारी, रामनगर, की बात करे या फिर कुशाल पुर, पुरानी बस्ती, कोटा ,प्रोफेसर कॉलोनी, देवेंद्र नगर, बजरंग नगर, जोरा पारा, टिकरा पारा, अर्जुन नगर, पारस नगर, मण्डी, नहर पारा सहित अधिकांश जगह पहुंचे और आम जनता से रूबरू हुए लेकिन सत्ता पक्ष के लोग उन जगहों से नदारत रहे।
पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने कहा कि जब पहली ही बारिश में राजधानी का यह हाल है, तो आने वाले दिनों में स्थिति कितनी भयावह होगी, इसका अंदाज़ा लगाया जा सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम में महापौर भाजपा के हैं, सांसद भाजपा के हैं और प्रदेश में भी भाजपा की सरकार है, लेकिन जनता की पीड़ा सुनने और राहत पहुँचाने वाला कोई नज़र नहीं आ रहा। पूरा प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है, जबकि लोग बिजली संकट और लगातार हो रही बारिश से त्रस्त हैं।
विकास उपाध्याय ने कहा कि राजधानी की बदहाल व्यवस्था भाजपा सरकार की प्रशासनिक विफलता का स्पष्ट प्रमाण है। उन्होंने सरकार से तत्काल जलनिकासी, राहत एवं बचाव कार्य तेज़ करने तथा प्रभावित परिवारों को उचित मुआवज़ा देने की मांग की।विकास ने कहा कि सांसद, विधायक, महापौर, पार्षद चारों जनप्रतिनिधि बीजेपी से है लेकिन पीड़ितों से मिलने एक भी नहीं पहुंचे जनता स्वयं अपने परिवार के साथ संघर्ष करती दिखी।










