
रायपुर: छत्तीसगढ़ी ब्राह्मण समाज को समाजसेवी एवं बैंक सेवा से सेवानिवृत्त तोषपाल उपाध्याय कपसदा वाले ने रिकॉर्ड एक करोड़ रुपये का दान दिया है।छत्तीसगढ़ युवा विकास संगठन के अध्यक्ष ज्ञानेश शर्मा ने इसे छत्तीसगढ़ी ब्राह्मण समाज के इतिहास का सबसे बड़ा रिकॉर्ड व्यक्तिगत योगदान बताया है।
राजधानी स्थित विप्र भवन में आयोजित कार्यक्रम में तोषपाल उपाध्याय कपसदा वाले ने एक करोड़ रुपये का चेक छत्तीसगढ़ी ब्राह्मण समाज संचालित विप्र सांस्कृतिक भवन प्रबंध समिति के अध्यक्ष नरेंद्र तिवारी को सौंपा।
पूर्व उच्च न्यायालय न्यायाधीश टी.पी. शर्मा ने इसे ब्राह्मण समाज के लिए गौरव का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि आज तक समाज के किसी सदस्य ने इतनी बड़ी राशि दान नहीं दी और तोषपाल उपाध्याय के इस योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा।
सेवानिवृत्त जिलाधीश अनुराग पांडेय ने कहा कि यदि समाज के लोग इसी तरह नई पीढ़ी के निर्माण में योगदान देते रहे तो ब्राह्मण समाज का भविष्य और अधिक उज्ज्वल होगा। उन्होंने कहा कि तोषपाल उपाध्याय द्वारा प्रस्तुत उदाहरण आने वाले समय में मील का पत्थर साबित होगा।
सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी शिवकुमार तिवारी ने कहा कि बैंक सेवा से सेवानिवृत्त होने के बाद इतनी बड़ी राशि दान करना बड़े दिल और सामाजिक प्रतिबद्धता का परिचायक है।
छत्तीसगढ़ युवा विकास संगठन के अध्यक्ष ज्ञानेश शर्मा ने कहा कि विप्र सांस्कृतिक भवन प्रबंध समिति के कार्यों पर समाज के विश्वास और श्रद्धा का ही परिणाम है कि तोषपाल उपाध्याय जैसे सदस्य ने एक करोड़ रुपए की राशि सामाजिक उद्देश्य के लिए समर्पित की है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि दान का प्रत्येक रुपया उसी उद्देश्य पर खर्च होगा, जिसके लिए यह राशि प्रदान की गई है।
विप्र भवन में आयोजित गरिमा मय समारोह में पूर्व उच्च न्यायालय के न्यायाधीश टीपी शर्मा, सेवानिवृत्त आईएएस एसके तिवारी, अनुराग पांडेय, और अरुण शर्मा,सुरेन्द्र शुक्ला, नटराज शर्मा, कुसुम शर्मा, संजय दीवान सहित समाज के कई पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित थे।
तोषपाल उपाध्याय ने कहा कि समाज से मिले स्नेह और सहयोग के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के उद्देश्य से उन्होंने यह योगदान दिया है। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने खड़े होकर तालियों की गड़गड़ाहट के बीच उनका सम्मान किया।समाज के पदाधिकारियों ने कहा कि यह दान केवल आर्थिक सहयोग नहीं, बल्कि शिक्षा, संगठन और समाज के विकास के लिए प्रेरणादायी पहल है जिससे आने वाली पीढ़ियों को भी लाभ मिलेगा।








