
रायपुर:। प्रदेश में उर्वरक का संकट विकराल रूप ले चुका है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि प्रदेश में उर्वरक के लिये मारा मारी शुरू हो गयी है। किसानों को सोसायटी में खाद नहीं मिल रहा है। सरकार खाद की व्यवस्था करने के बजाय खाद संकट पर कैसे कुतर्क किया जाये, इसकी ट्रेनिंग भाजपा प्रवक्ताओं को दे रही। समाचार आया है कि भाजपा प्रवक्ताओं को ट्रेनिंग देने के लिये कृषि आयुक्त ट्रेनिंग देने सीएम हाउस गये थे। कृषि आयुक्त का काम खाद की व्यवस्था बनाना है। उनके पास कोई तथा आंकड़े हो तो उसे मीडिया के माध्यम से सार्वजनिक करें। जनसंपर्क के माध्यम से प्रचारित को वे भाजपा प्रवक्ताओं की बठैक लेकर कैसे प्रशिक्षण दे सकते है? उनका काम राजनैतिक प्रशिक्षण देने का कब से हो गया है। उनको राजनैतिक डिबेट का इतना शौक है तो इस्तीफा दे और टीवी बहस में शामिल हो जाये।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि किसान बराबर सरकार के मंत्रियों, विधायकों, सांसदों से उर्वरक के बारे में गुहार लगा रहे, लेकिन सरकार केवल जुबानी आश्वासन दे रही है। आज भी सभी सोसायटियों में पूरी खाद नहीं पहुंच पाया है। इस खरीफ सीजन में 15 लाख 55 हजार मीट्रिक टन खाद की आवश्यकता अनुमानित है, पर इस सरकार अभी तक 50 प्रतिशत स्टाक नहीं जुटा पाई है। मानसून आने वाला है, खरीफ में धान की फसल ही राज्य के किसानों की आजीविका का मुख्य आधार है। यदि खरीफ के सीजन में सरकार किसानों को पर्याप्त उर्वरक नहीं दे पायेगी तो किसानों के सामने साल भर के लिये आजीविका का संकट पैदा हो जायेगा।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि पिछले खरीफ सीजन में राज्य के किसानों को 14 लाख मीट्रिक टन उर्वरक की आवश्यकता थी, साय सरकार शुरू के दो माह तक मात्र 80 हजार मीट्रिक टन ही उर्वरक दे पायी थी, आखिर तक जरूरत से आधे का भी इंतजाम नहीं कर पायी सरकार। किसान यूरिया से लेकर डीएपी और पोटाश सभी के लिए भटकते रहे, बिचौलियों के द्वारा ब्लेक मार्केट में तीन से चार गुने दाम में किसानों को यूरिया और डीएपी खरीदने को मजबूर होना पड़ा था। इस साल भी सरकार जरूरत का स्टाक नहीं जुटा पाई है, केवल कागजी बयान आ रहे है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि लगातार कांग्रेस पार्टी और किसान संगठन के लोग खाद की उपलब्धता के बारे में सवाल कर रहे है। सरकार से खाद की उपलब्धता पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग कर रहे है। सरकार मौन है अब सरकार के एक उच्चाधिकारी सरकार की नाकामी को छिपाने सत्तारूढ़ के प्रवक्ता को ट्रेनिंग दे रहे है।








