
रायपुर:आम एक ऐसा फल है जो बड़े से बड़े खास व्यक्ति को भी अपनी सादगी और स्वाद से ‘आम’ बना देता है। आज के दौर में जब हर कोई खास बनने की होड़ में है, वहाँ खास लोगों को भी इस ‘आम’ के पास आना पड़ता है, यही इसकी असली खूबी है।
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय आम महोत्सव का आज यहां समापन करते हुए सांसद रायपुर बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि भारतीय संस्कृति में आम को बहुत पवित्र माना गया है। भारतीय जनमानस में आम का एक विशिष्ट स्थान है आम के फल से लेकर पत्ते और लकड़ी तक का धार्मिक अनुष्ठानों और रीति-रिवाजों में बड़ा महत्व है। पहले हर गांव में जन सहयोग से अमराई (आम का बगीचा) लगाने की परंपरा थी जो समय के साथ-साथ धीरे धीरे विलुप्त हो रही है। श्री अग्रवाल ने कहा कि गांवों में अमराई लगाने की पंरपरा को पुनर्जीवित करने की आवश्यकता है।

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर, संचालनालय उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी तथा प्रकृति की ओर सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में 29 से 31 मई तक आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय आम महोत्सव का आज समापन हुआ। समापन समारोह के मुख्य अतिथि बृजमोहन अग्रवाल सांसद रायपुर थे।
कार्यक्रम के दौरान प्रगतिशील किसान भाइयों और कृषि विशेषज्ञों से सार्थक चर्चा की, उन्होंने कहा छत्तीसगढ़ का धान तो पूरे देश में अपनी चमक बिखेर रहा है, लेकिन इसके साथ ही हमें बागवानी और फलों की खेती की तरफ भी कदम बढ़ाने होंगे। हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी का भी यही विज़न है कि किसानों की आय को 12 महीना बनाए रखने के लिए खेती के साथ-साथ फल, पशुपालन और मत्स्य पालन को भी अपनाया जाए।
यह देखकर गर्व होता है कि हमारे छत्तीसगढ़ की धरती विविधताओं से भरी है। आज सरगुजा और मैनपाट जैसे क्षेत्रों में सेब, लीची, आड़ू और नाशपाती की सफल पैदावार हो रही है। पूरा विश्वास है कि हमारे वैज्ञानिक और किसान मिलकर छत्तीसगढ़ को फल उत्पादन में भी देश का अग्रणी राज्य बनाएंगे।उन्होंने इस भव्य और सफल आयोजन के लिए विश्वविद्यालय प्रबंधन और सभी सहयोगियों को बहुत-बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं दी।












