कबीरधाम: जिले में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक अभिनव और प्रेरणादायक पहल सामने आई है, जहां अब तक पुरुष प्रधान माने जाने वाले परिवहन व्यवसाय में महिलाओं की भागीदारी का नया अध्याय शुरू हुआ है। इस अवसर पर स्व सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं ने जब स्टीयरिंग संभाली तो उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा भी उनके पैसेंजर बन गए। पहले परिवहन व्यवसाय केवल पुरूष प्रधान कार्य माना जाता था, जिस मिथक को तोड़ अब समूह की महिलाएं स्टेयरिग थामकर आजीविका का सशक्त साधन तैयार करने के साथ ग्रामीण परिवहन व्यवस्था को भी नई गति देने जा रही हैं।
सरस मेले के शुभारंभ के अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने जिले की 10 महिला समूहों को ‘आजीविका ग्रामीण एक्सप्रेस’ योजना के तहत सीएलएफ मैजिक वाहन वितरित किए। इस दौरान उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि इन वाहनों का वितरण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। प्रत्येक वाहन की लागत लगभग 7.50 लाख रुपये है, जिसमें से 5 लाख रुपये केंद्र सरकार द्वारा अनुदान के रूप में दिए गए हैं। शेष राशि का प्रबंधन संबंधित समूहों द्वारा किया गया है, जिससे महिलाओं में आत्मनिर्भरता और जिम्मेदारी की भावना भी विकसित होगी।

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