
छत्तीसगढ़ के जंगलों में भारतीय वन सेवा (IFS) के वर्ष 2025-26 बैच के 133 प्रशिक्षु अधिकारियों ने मृदा संरक्षण, जल संरक्षण, वन प्रबंधन तथा लघु वनोपज के उत्पादन, प्रसंस्करण से जुड़ी तकनीकों का प्रशिक्षण प्राप्त किया। यह चार दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
वन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख व्ही. श्रीनिवास राव के सहयोग तथा प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) अरुण कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में आयोजित इस प्रशिक्षण में अधिकारियों को छत्तीसगढ़ की वन प्रबंधन प्रणाली और जल संरक्षण कार्यों का व्यावहारिक अध्ययन कराया गया।
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी, देहरादून से आए प्रशिक्षु अधिकारियों ने 8 से 15 मार्च 2026 तक धमतरी वनमंडल के विभिन्न क्षेत्रों में फील्ड प्रशिक्षण प्राप्त किया। इस दौरान उन्होंने पम्पारनाला, कांसानाला और साजापानी नाला जैसे क्षेत्रों में मृदा एवं जल संरक्षण तथा वाटरशेड प्रबंधन से जुड़े कार्यों का अध्ययन किया। प्रशिक्षण के अंतिम चरण में अधिकारियों को वैज्ञानिक पद्धति से वृक्षों के सीमांकन, मार्किंग और कटाई की तकनीकी प्रक्रिया से अवगत कराया गया। साथ ही यह भी बताया गया कि किस प्रकार इमारती लकड़ी तैयार कर ई-ऑक्शन के माध्यम से शासन को अधिकतम राजस्व प्राप्त किया जा सकता है।








