रायपुर:मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज दुर्ग में आयोजित छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरण की बैठक के दौरान विकसित भारत – गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) (जीरामजी) को ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार एवं आजीविका के लिए क्रांतिकारी योजना बताया। उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा शुरू की गई यह योजना एक नई ग्रामीण रोजगार योजना है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका को बढ़ावा देना है। यह योजना मनरेगा की जगह पर शुरू की गई है और इसमें कई नए प्रावधान किए गए हैं।
इस योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को साल में 125 दिनों का रोजगार दिया जाएगा, जो पूर्व में केवल 100 दिवस का था। काम नहीं मिलने पर बेरोजगारी भत्ता, एक सप्ताह में मजदूरी का भुगतान किया जाएगा। अगर मजदूरी का भुगतान 15 दिनों के भीतर नहीं किया जाता है, तो 0.05 प्रतिशत की दर से ब्याज दिया जाएगा। इसके तहत ग्राम पंचायतों को योजना बनाने और कार्यान्वयन की जिम्मेदारी दी गई है।









