रायपुर:. छत्तीसगढ़ युवा विकास संगठन संचालित विप्र कला,वाणिज्य एवं शारीरिक शिक्षा महाविद्यालय में वंदे मातरम् की 150 वीं वर्षगांठ पर आयोजित सामूहिक वंदे मातरम् गान में समस्त प्राध्यापकों सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया।
कार्यक्रम का प्रारंभ मां सरस्वती,एवं मां भारती की पूजा एवं दीप प्रज्वलन से किया गया। इसके ऊपर प्राचार्य डॉ.मेघेश तिवारी ने वंदे मातरम् गीत का महत्व बताते हुए कहा कि वंदे मातरम् भारत मां की वंदना है। आजादी की लड़ाई में क्रांतिकारियों के लिए वंदे मातरम् गीत नया जज्बा पैदा करता था। आज भी विद्यार्थी वंदे मातरम का गान करके मां भारती की वंदना करते हैं तो भारत माता के प्रति एक श्रद्धा और भक्ति का माहौल बनता है । यह भाव भविष्य में प्रत्येक विद्यार्थी को आदर्श नागरिक बनने के लिए प्रेरक तत्व का काम करता है।
इसके उपरांत बी एड के छात्र द्वारा वंदे मातरम् संदेश का वाचन किया गया ।डॉ. विवेक शर्मा ने वंदे मातरम् गीत की रचना और स्वतंत्रता संग्राम पर उसके प्रभाव से विद्यार्थियों को अवगत कराया ।तत्पश्चात निर्धारित समय मध्यान्ह 12.55 बजे सामूहिक वंदे मातरम् गान किया गया। कार्यक्रम का संचालन रसिका मालवीय ने किया । अंत में आभार प्रदर्शन डॉ. आराधना शुक्ला द्वारा किया गया।









