बेमेतरा: मंडी परिसर, में पौष कृष्ण द्वितीया से दशमी तक चल रहे गौ प्रतिष्ठा महायज्ञ एवं शिवमहापुराण कथा का आयोजन पूरे जिले में आध्यात्मिक उत्सव का रूप ले चुका है।इसी पावन आयोजन में आज जिला पंचायत अध्यक्ष कल्पना योगेश तिवारी विशेष रूप से शामिल हुईं। उनके आगमन पर श्रद्धालुओं, माताओं–बहनों, युवाओं और समिति के पदाधिकारियों ने उनका गर्मजोशी से भव्य स्वागत किया।

जिला पंचायत अध्यक्ष कल्पना योगेश तिवारी मंच पर पहुँचकर उन्होंने पूजा-अर्चना, दीपप्रज्वलन एवं आरती में सहभागी बनकर बेमेतरा जिले की शांति, उन्नति, सुख-समृद्धि एवं सद्भाव कीसंपूर्ण क्षेत्र, नगर, गाँवों और जिले के प्रत्येक परिवार की सुख-शांति, समृद्धि एवं मंगल की भावना से प्रार्थना की।और पुरे परिसर में था दिव्यता और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनोखा संगम
कथा व्यास परम पूज्य दण्डी स्वामी श्रीमज्ज्योतिर्मयानंदः सरस्वती जी महाराज, सपाद लक्षेश्वर धाम सलधा स्वामी से जिलापंचायत अध्यक्ष कल्पना योगेश तिवारी ने आशीर्वाद प्राप्त किया और शिवमहापुराण की कथा का ऐसा मधुर, ज्ञानपूर्ण और भावपूर्ण प्रवचन का आंनद लिया । और ईस कथा को सुनने हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति थे । और यह भव्य आयोजन प्रमाण है कि बेमेतरा में धर्म, अध्यात्म और संस्कृति के प्रति कितना गहरा प्रेम है। आयोजन का संचालन सपाद लक्षेश्वर धाम निर्माण सेवा समिति, बेमेतरा इकाई द्वारा समर्पण भाव से किया जा रहा है।
जिला पंचायत अध्यक्ष ने अपने उद्बोधन में कहाँ धर्म हमें जोड़ता है, मजबूत बनाता है और सही दिशा देता है”अपने विस्तृत उद्बोधन में श्रीमती तिवारी ने कहा—
बेमेतरा के लिए यह अत्यंत निर्मल, पावन और सौभाग्यपूर्ण क्षण है कि हमारी कृषि मंडी परिसर में इतने भव्य स्वरूप में शिवमहापुराण कथा और गौ प्रतिष्ठा महायज्ञ का आयोजन हो रहा है।आज पूरा परिसर आध्यात्मिक प्रकाश से भर गया है।
हम जनप्रतिनिधियों का भी सौभाग्य है कि हमें ऐसे पवित्र धर्म मंचों पर आने और आप सभी के साथ बैठकर ईश्वर की कथा सुनने का अवसर मिलता है।”
उन्होंने आगे कहा—विज्ञान, आधुनिकता और भौतिक सुख–सुविधाओं का जीवन जितना आगे बढ़ रहा है, उतना ही आवश्यक हो जाता है कि हम अपने धर्म, संस्कार और परंपराओं से जुड़े रहें। हमारे सनातन धर्म ने हमें अद्भुत धर्मगुरु और संत दिए हैं जो हमें समय-समय पर सही दिशा दिखाते हैं। पूज्य श्रीमज्ज्योतिर्मयानंद जी महाराज का ज्ञान, उनका तेज, उनकी वाणी— हृदय को शुद्ध करने का कार्य करती है। मैं व्यक्तिगत रूप से स्वयं को अत्यंत सौभाग्यशाली मानती हूँउन्होंने श्रीमद् भगवद्गीता के प्रसिद्ध श्लोक का उल्लेख करते हुए कहा—
यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत
अभ्युत्थानमधर्मस्य तदात्मानं सृजाम्यहम् ॥
परित्राणाय साधूनां विनाशाय च दुष्कृताम् ।
धर्मसंस्थापनार्थाय सम्भवामि युगे युगे ॥
अर्थात कि जब-जब धर्म की हानि होती है और अधर्म की वृद्धि होती है, तब-तब मैं प्रकट होता हूँ (अवतरित होता हूँ)|साधुजनों का उद्धार करने के लिए, पाप कर्म करने वालों का विनाश करने के लिए और धर्म की स्थापना करने के लिए, मैं हर युग में प्रकट होता हूँ |
कल्पना तिवारी ने आगे कहाँ ,क्या पता हमारे धर्मगुरु ही ईश्वर के किसी रूप में हम सबको दिशा देने, संभालने और आगे बढ़ाने आए हों। धर्म मंच हमें पवित्र कर रहे हो मजबूत बनाता है और मन में नई शक्ति भरता है।”
आयोजन समिति ने कहा कि—ऐसे आयोजनों में जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति आम जनता को प्रेरणा देती है और सामाजिक व सांस्कृतिक एकता को मजबूत करती है।”अंत में कल्पना योगेश तिवारी ने पूरे बेमेतरा जिले, ग्राम–नगर के सभी परिवारों और श्रद्धालुओं के लिए सुख-शांति, समृद्धि और मंगल की कामना की।उन्होंने समिति के कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा— “ये आयोजन समाज को जोड़ते हैं, हमें हमारी जड़ों से परिचित कराते हैं और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनते हैं।”यह दिव्य आयोजन पूरे बेमेतरा जिले के लिए आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक जागरण का महापर्व बन गया है। ईस कार्यक्रम में हज़ारों कि संख्या में भक्तगण उपस्थित थे।









