रायपुर:राज्य सरकार द्वारा लागू की गई पारदर्शी, सरल और किसान-हितैषी धान खरीदी व्यवस्था ने गांव-गांव के किसानों के जीवन में स्थिरता और भरोसा स्थापित किया है। इसी व्यवस्था से लाभान्वित हुए हैं कबीरधाम जिले के ग्राम छिरहा के किसान मालिक पटेल, जिन्होंने इस वर्ष कुल 34.40 क्विंटल धान का विक्रय समर्थन मूल्य पर किया। श्री पटेल बताते हैं कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में धान खरीदी की प्रक्रिया इतनी व्यवस्थित और भरोसेमंद हो गई है कि हर वर्ष धान बेचने का इंतजार उत्सव की तरह होने लगा है।
श्री पटेल बताते हैं कि प्रति एकड़ 21 क्विंटल की सीमा और 3100 रुपये प्रति क्विंटल का समर्थन मूल्य ने खेती को न सिर्फ सुरक्षित बल्कि लाभकारी बना दिया है। वे कहते हैं कि धान विक्रय से मिली आय से परिवार का सालभर का खर्च, खेत की लागत, बच्चों की पढ़ाई और सामाजिक जिम्मेदारियाँ सभी आसानी से पूरी हो जाती हैं। सबसे बड़ी सुविधा यह है कि धान की राशि सीधे बैंक खाते में पहुँच जाती है, जिससे बीज, खाद, जुताई और अन्य कृषि कार्यों में किसी प्रकार की रुकावट नहीं आती। खेती समय पर और सुचारू रूप से पूरी हो जाती है। वे बताते हैं कि खेती अब केवल गुजारा चलाने का साधन नहीं रही, बल्कि आर्थिक उन्नति मजबूत आधार बन गई है।








