दिल्ली:साल था 1973, जब दुनिया ने पहली बार बिना तार वाला फोन देखा। इस चमत्कार के पीछे थे — मार्टिन कूपर (Martin Cooper), मोटरोला कंपनी के एक इंजीनियर। उन्होंने इतिहास की पहली मोबाइल कॉल की, और वो कॉल उन्होंने अपने प्रतिद्वंदी कंपनी के इंजीनियर को ही की थी!
उस समय फोन का नाम था Motorola DynaTAC 8000X, जो लगभग 1 किलो भारी था और बैटरी सिर्फ 20 मिनट चलती थी। लेकिन उसी फोन ने इंसानियत की दिशा बदल दी — क्योंकि अब बातचीत किसी कमरे या तार से बंधी नहीं रही।
आज जब कोई भी व्यक्ति सिर्फ एक स्क्रीन पर टैप करके दूर बैठे अपने प्रियजनों से बात करता है, तो वो शायद नहीं जानता कि यह सब एक व्यक्ति की सोच और मेहनत का नतीजा है — मार्टिन कूपर की देन।
सोचिए, जिस इंसान ने पहली बार सड़क पर खड़े होकर फोन पर बात की, शायद उसने भी नहीं सोचा होगा कि एक दिन यही आविष्कार हर जेब, हर हाथ और हर दिल तक पहुंच जाएगा।










