रायपुर:जब आप मोबाइल में ‘एयरप्लेन मोड’ ऑन करते हैं, तो क्या-क्या बंद हो जाता है.आपने कभी सोचा है जैसे ही आप मोबाइल में Airplane Mode ऑन करते हैं, तो अचानक कॉल, इंटरनेट, ब्लूटूथ, वाई-फाई सब बंद कैसे हो जाते हैं? आइए जानते हैं इस टेक्नोलॉजी का असली खेल!
रेडियो सिग्नल सबसे पहले बंद होता है
मोबाइल के अंदर एक छोटा-सा रेडियो ट्रांसमीटर होता है, जो हर वक्त मोबाइल टावर से सिग्नल भेजता और रिसीव करता रहता है। जब आप एयरप्लेन मोड ऑन करते हैं, तो सिस्टम उस रेडियो ट्रांसमीटर को पूरी तरह डिएक्टिवेट कर देता है। यानी अब न टावर से डेटा जा सकता है, न आ सकता है।
वाई-फाई और ब्लूटूथ भी ‘ऑफ’ सिग्नल में जाते हैं
शुरुआती दिनों में एयरप्लेन मोड चालू करते ही
वाई-फाई और ब्लूटूथ भी पूरी तरह बंद हो जाते थे। लेकिन आजकल के स्मार्टफोन में ये मैनुअली ऑन किए जा सकते हैं, क्योंकि अब इनसे विमान के नेविगेशन सिस्टम को कोई खतरा नहीं होता।
बैटरी सेविंग का बोनस फायदा
जब फोन के सारे रेडियो सिग्नल बंद हो जाते हैं,
तो फोन का पावर कन्जम्प्शन बहुत कम हो जाता है। इसीलिए एयरप्लेन मोड ऑन करने से बैटरी धीरे-धीरे डिस्चार्ज होती है। कई लोग इसे चार्जिंग को तेज करने के लिए भी यूज़ करते हैं
फ्लाइट में ये ज़रूरी क्यों होता है?
हवाई जहाज़ में मौजूद कम्युनिकेशन सिस्टम
बहुत सेंसिटिव होता है। अगर 200 पैसेंजर के मोबाइल सिग्नल एक्टिव रहें,
तो वे विमान के रडार और नेविगेशन सिस्टम में
“सिग्नल इंटरफेरेंस” पैदा कर सकते हैं। इसीलिए फ्लाइट टेकऑफ़ से पहले आपसे कहा जाता है “Please switch your phones to airplane mode.”
और अब नया ट्विस्ट – Wi-Fi Calling Airplane Mode में भी!
आधुनिक फ्लाइट्स में अब in-flight Wi-Fi आ गया है, जिससे आप एयरप्लेन मोड में रहते हुए भी Wi-Fi कनेक्शन से इंटरनेट चला सकते हैं। यानि अब हवा में भी नेटवर्क की हवा चालू है!
तो नतीजा ये
एयरप्लेन मोड कोई जादू नहीं, बल्कि आपके फोन का रेडियो सिस्टम बंद करने का मास्टर स्विच है। एक क्लिक में फोन पूरी तरह शांत ना सिग्नल, ना नेटवर्क, सिर्फ़ शांति..








