रायपुर : .छत्तीसगढ़ी ब्राह्मण समाज के तत्वावधान में विप्र सांस्कृतिक भवन प्रबंध समिति द्वारा शरद पूर्णिमा महोत्सव मुख्य अतिथि सांसद एवं पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल व समारोह के अध्यक्ष मीनल चौबे (महापौर नगर पालिका निगम रायपुर) की गरिमामय उपस्थिति में उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने शरद पूर्णिमा की बधाई और शुभकामनाएं देते हुए ब्राह्मण समाज के विकास और एकजुटता को राष्ट्र की उन्नति के लिए आवश्यक बताया एवं विप्र भवन अधो संरचना विकास के लिए सांसद निधि से दस लाख रुपए प्रदान करने की घोषणा की। महापौर मीनल चौबे ने कहा कि अपनों के साथ उत्सव मानने से अपने दायित्व के निर्वहन के लिए ऊर्जा प्राप्त होती है। अपनों का आशीर्वाद और सहयोग रायपुर शहर को सुंदर, व्यवस्थित और स्वच्छ बनाने की प्रेरणा देती है। इस अवसर पर मंच पर उपस्थित विशिष्ट अतिथि पूर्व जिलाधीश अनुराग पांडेय,भाजपा नेता योगेश तिवारी, पार्षद सरिता आकाश दुबे ,विप्र सांस्कृतिक भवन प्रबंध समिति के अध्यक्ष नरेंद्र तिवारी, पूर्व पार्षद मृत्युंजय दुबे ने भी अपनी शुभकामनाएं प्रेषित की।
छत्तीसगढ़ युवा विकास संगठन के अध्यक्ष ज्ञानेश शर्मा ने बृजमोहन अग्रवाल को सहयोग के लिए धन्यवाद देते हुए कहा की छत्तीसगढ़ी ब्राह्मण समाज को सामाजिक कार्यक्रमों के माध्यम से संगठित करने से ही समाज के विकास के रास्ते दिखाई देंगे ।अंत में कार्यक्रम संयोजक अविनाश शुक्ला ने आभार प्रदर्शित करते हुए कहा कि शरद पूर्णिमा महोत्सव जैसे कार्यक्रम के माध्यम से युवा पीढ़ी को अपने संस्कृति से परिचित करा संस्कारित बनाने का सशक्त माध्यम है।
इसके बाद भारती शर्मा के मार्गदर्शन एवं संजिकता शुक्ला के संचालन मे रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम मे शिव तांडव, राम जन्मोत्सव से विदाई तक की लीला और कृष्ण रासलीला के गीत, संगीत और मनमोहक आकर्षक नृत्य ने माहौल को भक्तिमय बना दिया। अंत में स्वादिष्ट भोज के साथ खीर प्रसादी ग्रहण किया। इस अवसर पर विप्र भवन समिति के उपाध्यक्ष सुरेंद्र शुक्ला, कुसुम शर्मा, केके शुक्ला, महासचिव नटराज शर्मा, कोषाध्यक्ष संजय दीवान ,विप्र युवा संगठन के अध्यक्ष सौरभ शर्मा ,विप्र शक्ति महिला मंडल के अध्यक्ष प्रीति शुक्ला, आनंद पांडेय ,डॉ. ध्रुव पांडेय, उमाकांत तिवारी, डॉ .मेघेश तिवारी,अनिल तिवारी,डॉ हरिंद्र मोहन शुक्ला सहित छत्तीसगढ़ी ब्राह्मण समाज के सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित थे।











