रायपुर: शंकराचार्य आश्रम में चल रहे चातुर्मास प्रवचन माला के क्रम को गति देते हुए शंकराचार्य आश्रम के प्रभारी डॉ स्वामी इंदु भवानंद तीर्थ महाराज ने बताया की सज्जन पुरुषों के दर्शन करने से दुख दूर हो जाता है। किरात वेष रूप धारी भगवान शिव ने हस्तिनापुर के दुर्योधन के राज्य का संचालन देख करके वनवास में काल व्यतीत करने वाले धर्मराज को स्पष्ट बताया धर्मराज दुखी हुए, इसी बीच में व्यास जी महाराज का आगमन हुआ प्।व्यास जी के दर्शन करने मात्र से प्रसन्न हो गए हाथ जोड़कर के कहने लगे आज हमारी तपस्या और दान सफल हो गया आपके दर्शन से हमारे सारे दुख दूर हो गए क्रूर कर्म वाले इन कौरवो ने हमको बड़ा दुख दिया है, किंतु आपके दर्शन करने मात्र से हमारे सारे के सारे दुख दूर हो गए। उत्तम पुरुषों का यही स्वभाव होता है कि वह दीन जनों का परिपालन करते हैं।
उन्होंने कहा निर्धनता को लोक में परम कल्याणकारी माना गया है क्योंकि इसके सामने अर्थात लक्ष्य के रूप में दूसरे का उपकार और सज्जनों की सेवा यह दो ही रहते हैं।
*वास्तव में दूसरों का उपकार और सज्जनों की सेवा ही जीवन का सार होना* चाहिए।
कथा के पूर्व श्री शंकराचार्य आश्रम के वैदिक विद्वानों ने भगवान शिव का पूजन करके आरती संपन्न की तथा जगतगुरु कुलम के छात्रों ने मंगलाचरण संपन्न किया

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