
रायपुर:असंगठित श्रमिकों के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में एक नई पहल शुरू की गई है। असंगठित श्रमिकों एवं उनके परिवारों के समग्र विकास के लिए अम्ब्रेला योजना ‘अटल श्रम सशक्तिकरण योजना‘ प्रारंभ की गई है। प्रवासी श्रमिक साथियों को सहयोग एवं मार्गदर्शन प्रदाय करने हेतु प्रथम चरण में 5 राज्य क्रमशः उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, उड़ीसा, गुजरात एवं महाराष्ट्र में जहां अधिक संख्या में श्रमिक प्रवास करते हैं, वहां ‘मोर चिन्हारी भवन’ बनाया जाएगा। इसके अलावा श्रमिकों को कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने 106 निजी चिकित्सालयों से अनुबंध किया गया है। इससे उन्हें हृदय रोग, किडनी रोग, मस्तिष्क रोग, जटिल सर्जरी आदि के लिए सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल में उपचार सुविधा मिलेगी।
श्रम विभाग की अम्ब्रेला योजना अटल श्रम सशक्तिकरण योजना‘ के नाम से शुरू की गई है। इससे श्रमिकों तथा उनके परिवारों को एक ही स्थान पर सरकार के सभी योजनाओं का लाभ मिलेगा, इसके लिए ‘श्रमेव जयते‘ पोर्टल बनाया गया है। पंजीकृत श्रमिकों के द्वारा आर्थिक गतिविधि के लिए बैंक से लिए जाने वाले ऋण पर लगने वाले ब्याज में अनुदान देने के लिए जल्द ही नई योजना शुरू की जा रही है ताकि आत्म निर्भर बनते हुए स्वयं मालिक बनने की दिशा में बढ़ सकें। इसके अलावा असंगठित श्रमिकों के कल्याण हेतु संचालित योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन एवं सतत् निगरानी हेतु राज्य के प्रत्येक संभाग में संभाग स्तरीय श्रम कल्याण कार्यालय के स्थापना की जा रही है।
श्रमिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए श्रमिक बाहुल्य क्षेत्रों तिल्दा, उरला (रायपुर), लारा, खरसिया (रायगढ़) में नये औषधालय आरंभ करने की कार्यवाही की जा रही है। बीमित हितग्राहियों को टर्शरी चिकित्सा सुविधाएं कैशलेस आधार पर उपलब्ध कराने के लिए कर्मचारी राज्य बीमा निगम ने राज्य के 106 निजी चिकित्सालयों के साथ अनुबंध किया गया है। इन चिकित्सालयों के सुपर स्पेशलिटी चिकित्सकों द्वारा विभिन्न प्रकार के हृदय रोग, किडनी रोग, मस्तिष्क रोग, जटिल सर्जरी आदि से संबंधित उपचार की व्यवस्था है।









