रायपुर:हमने कभी नहीं सोचा था कि गांव की महिलाएं भी राजमिस्त्री बन सकती हैं, यह कहते हुए ग्राम तुर्काडीह की ममता यादव की आंखों में आत्मविश्वास की चमक दिखाई देती है। ममता उन 22 महिलाओं में शामिल हैं जो इन दिनों बिलासपुर के कोनी स्थित एसबीआई ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान आरसेटी में राजमिस्त्री प्रशिक्षण में भाग ले रही हैं। अब वे सिर्फ दीवारें नहीं बना रहीं, बल्कि अपने भविष्य की नींव भी मजबूत कर रही हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों के बेरोजगार युवाओं और महिलाओं को व्यावसायिक दक्षता प्रदान कर आत्मनिर्भर बनाने का कार्य यह संस्थान बखूबी कर रहा है। खासकर बीपीएल परिवारों के लिए यह एक वरदान साबित हो रहा है, जहां निःशुल्क आवास, भोजन और प्रशिक्षण की सुविधा मिल रही है। प्रशिक्षण प्राप्त महिलाएं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आभार जताते हुए कहती हैं कि सरकार की योजनाओं से अब ग्रामीण महिलाएं भी आगे बढ़ रही हैं।










