दंतेवाड़ा: जिले के जैविक किसान अब अपनी खेती में आधुनिकतम तकनीक का उपयोग कर खेती को अधिक उत्पादक और कुशल बनाएंगे। जिला पंचायत सभागार में आयोजित कार्यशाला सह प्रशिक्षण कार्यक्रम में किसानों और कृषि अधिकारियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के उपयोग के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।
इस कार्यशाला में फसल निगरानी से लेकर आपदा प्रबंधन तक में एआई तकनीक के उपयोग के महत्व पर जोर दिया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि ‘सैटेलाइट इमेजिंग’ और ‘ड्रोन एआई’ तकनीक के माध्यम से फसल की स्वास्थ्य स्थिति, मिट्टी की गुणवत्ता और पानी की आवश्यकता का सटीक विश्लेषण किया जा सकता है। दंतेवाड़ा जिले में एआई तकनीक का यह प्रयोग न केवल किसानों की आय में वृद्धि करेगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और संसाधनों के बेहतर उपयोग में भी मील का पत्थर साबित होगा।








