मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर:जिले के मनेंद्रगढ़ जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत महाई के एक छोटे से किसान श्री मोहित/पिता लल्ला की जिंदगी हर बीतते दिन के साथ सूखती फसल की तरह निराशा में घिरता जा रहा था । मोहित के पास तीन एकड़ जमीन तो थी, लेकिन बिना सिंचाई साधन के वह जमीन सिर्फ बारिश की भरोसे पर निर्भर था । हर साल अनिश्चित बारिश और पानी की कमी ने उनके लिए खेती को घाटे का सौदा बना रहा था । जैसे-जैसे फसलें असफल हो रही थीं, मोहित का आत्मविश्वास टूटता जा रहा था। खेती के घाटे ने उन्हें मजबूर कर दिया कि वे अब मजदूरी का सहारा लें।
एक किसान जिसकी जमीन कभी उसके जीवन का आधार थी, अब उसके लिए एक बोझ बन चुका था । लेकिन यह कहानी यहीं खत्म नहीं हुआ। यह कहानी मोहित के संघर्ष और उनकी किस्मत बदलने वाले एक अद्भुत बदलाव की है।










