रायपुर:

नन्हें-मुन्ने बच्चों के खेलने-कूदने के लिए महासमुन्द जिले में बना पालनाघर। कामकाजी महिलाएं अब निश्चिंत होकर अपने बच्चों को पालना घर मंे छोड़ सकेगी। बच्चों के देखभाल के लिए केयरटेकर की भी व्यवस्था की गई। कामकाजी महिलाओं की सबसे बड़ी समस्या रहती है कि अपने बच्चों को ऑफिस कार्य जाते समय कहां रखे। बच्चों की देखभाल कौन करेगा वे अक्सर तनाव में रहती हैं, लेकिन काम और बच्चों की देखभाल दोनों को ही पूरी जिम्मेदारी के साथ निभाना चाहती है। जिला मुख्यालय में बच्चों के लिए सर्वसुविधायुक्त पालनाघर बनकर तैयार है।

जिला प्रशासन ने इसे छत्तीसगढ़ी में मोर दाई के कोरा का नाम दिया गया है। नाम के अनुरूप अब बच्चे यहां घर जैसा माहौल और ममता पाकर बेहद खुश और आनंदित हैं।








